
भोपाल। शनिवार को भोपाल क्राइम ब्रांच ने 4 शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 29 दोपहिया वाहनों को जब्त किया गया है, जिसकी कुल कीमत तकरीबन 17.40 लाख रुपए हैं। आरोपी सुनसान इलाके में चोरी को अंजाम देते थे। गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी पाया गया है। चोरी की गई गाड़ियों को गांव-देहात में ही बेचा जाता था। मुखबिर की सूचना पर मुख्य सरगना सोनू राय सिंह समेत 4 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
सुनसान जगहों से चोरी कर गांव-देहात में बेचते थे वाहन
पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने घटना की जानकारी देते हुए बताया, आरोपी ढाबा, खेत, सुनसान जगहों और घरों के आसपास दिन में रेकी कर रात में घटना को अंजाम देते थे। इसके बाद चोरी किए गए वाहनों को सस्ते दामों पर रायसेन और विदिशा जिले के ग्रामीण इलाकों में बेचा करते थे, ताकि चोरी की गाड़ियां पुलिस की नजर से बची रहे। आरोपियों ने बताया कि पुलिस ग्रामीण इलाकों में चेकिंग बहुत कम करती है। आरोपी चोरी के वाहनों से लकड़ी और शराब की तस्करी करते थे।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि मुखबिर से चोरों के जरिए कम दाम पर बाइक बेचने की सूचना मिली थी। इसके बाद शनिवार रात झरनेश्वर बैंक के पास ठंडी सड़क से शातिरों को गिरफ्तार किया गया। शुरू में वारदात को लेकर आरोपियों ने टालमटोल किया, लेकिन सख्ती से पेश आने पर चोरी की बात कुबूल कर ली। चोरी की गई अधिकतर गाड़ियां होण्डा, हीरो और बजाज कंपनी की हैं।
पुलिस ने इन आरोपियों को दबोचा
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें रायसेन निवासी मुख्य सरगना सोनू राय सिंह, विनोद राय, मोनू राय और भोपाल निवासी जमील खान शामिल हैं। इनके अलावा घटना में संलिप्त 8 अन्य आरोपी फरार हैं। प्रशासन ने जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने की बात कही है।
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