
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी 26 सितंबर को तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी सेंथिल बालाजी को मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत दे दी। यह मामला 2014 के कथित ‘कैश फॉर जॉब्स’ घोटाले से जुड़ा हुआ है। जस्टिस अभय एस. ओका और अगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने जमानत याचिका मंजूर करते हुए उनके सामने कुछ शर्तें भी रखी हैं। कोर्ट ने 12 अगस्त को सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
HC ने खारिज कर दी थी जमानत याचिका
इससे पहले हाईकोर्ट ने वी सेंथिल बालाजी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट का कहना था कि, इस तरह के मामले में रिहा किया जाता है तो यह गलत संदेश भेजेगा और इससे जनहित पर नकारात्मक असर पड़ेगा। कई बार जमानत याचिका दायर करने के बाद भी हर बार उसे खारिज कर दिया गया।
ट्रायल प्रक्रिया दिन-प्रतिदिन की जानी चाहिए : SC
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ट्रायल प्रक्रिया दिन-प्रतिदिन की जानी चाहिए। यह सुनवाई सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी। साथ ही कहा कि, अदालत ने वी सेंथिल बालाजी के मामले की गंभीरता को देखते हुए कोई ढील नहीं दी है। इस मामले में जल्द न्याय सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी।
पिछले साल ED ने किया था गिरफ्तार
- सेंथिल बालाजी को 14 जून 2023 को ईडी ने नकदी के बदले नौकरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। उस वक्त वह परिवहन मंत्री थे।
- जांच के दौरान बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी बाईपास सर्जरी की गई थी।
- जिसके बाद ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
- समय-समय पर उनकी रिमांड बढ़ाई गई, ईडी ने 12 अगस्त 2023 को बालाजी के खिलाफ 3,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।
- उच्च न्यायालय ने 19 अक्टूबर को बालाजी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
- स्थानीय अदालत भी तीन बार उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।
क्या है ‘कैश फॉर जॉब’ घोटाला
वी सेंथिल बालाजी पर सरकारी नौकरियों के बदले लोगों से रिश्वत लेने के आरोप लगने के बाद 2014 का यह ‘कैश फॉर जॉब्स’ घोटाला सामने आया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में जांच के बाद सेंथिल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। ED ने बालाजी की जमानत का विरोध किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ उन्हें जमानत दे दी।
One Comment