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पूर्व मंत्री ने सीएसपी को दी धमकी, 5 दिन से जांच अधूरी

पुलिस के जानकार बोले-कोई नेता धमकाता है, तो रोजनामचे में डालना थी रिपोर्ट

जबलपुर। किसी पुलिसकर्मी के सामने एक उंगली उठाकर तो दिखाइए…या एक रील बनाओ जिसमें पुलिस को धमकी मिलने जैसा मामला हो या फिर कोई संदेश ही सोशल मिडिया पर डालकर दिखाओ। ऐसा करने पर जेल में जगह मिलेगी। लेकिन, जबलपुर के घमापुर थाने में पूर्व मंत्री अंचल सोनकर ने सीएसपी को खुलेआम धमकी देते हुए कहा था किसु धर जाओ वरना मैं सुधार दूंगा…मैं थाने में घुसकर मारता हूं।

चेतावनी देने संबंधी बाद में एक वीडियो के वायरल होने के बाद भी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी हाथ पे हाथ धरे बैठै हैं। बड़ा सवाल है कि अगर किसी साधारण व्यक्ति ने पुलिसकर्मी को कोई धमकी दी होती तो क्या पुलिस के आला अधिकारी इसी तरह चुप बैठे रहते? जबकि पूर्व विधायक की धमकी मिलने के पांच दिन बाद भी न जांच पूरी हुई और न ही कोई एफआईआर दर्ज की गई।

इस धारा के अंतर्गत कार्रवाई का प्रावधान

मिली जानकारी के अनुसार नए कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी लोकसेवक को धमकाने और शासकीय कार्य में बाधा डालता है तो उस पर धारा 132 के तहत कार्रवाई की जा सकती है जिसमें लगभग 2.5 साल तक की सजा का प्रावधान है।

ये है बड़ा सवाल

जब कोई प्रर्दशन होता है तो पुलिस विभाग पूरे घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग खुद करता है, तो थाने के अंदर के फुटेज कहां है?, थाने में मौजूद स्टाफ चुप क्यों हैं?

क्लीयर नहीं सुन पाया

मौके पर हल्ला अधिक हो रहा था इसलिए कुछ क्लीयर नहीं सुन पाया। इसलिए अभी तक कोई शिकायत नहीं की है। -राजेश राठौर, सीएसपी गोहलपुर

पुलिस को किसी भी प्रेशर से डरना नहीं चाहिए

पुलिसकर्मी को अपना काम पूरी ईमानदारी से करना चाहिए। यदि ऐसे में कोई नेता धमकाता है तो तत्काल रिपोर्ट रोजनामचे में डाल देना चाहिए और उच्च अधिकारियों को जानकारी देना चाहिए। किसी भी हाल में प्रेशर से डरना नहीं चाहिए। -अखिल वर्मा, सेवानिवृत्त सीएसपी

वीडियो की जांच करा रहे

वीडियो की जांच कराई जा रही है, इसमें जो भी जांच में बिन्दु सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -आदित्य प्रताप सिंह, एसपी, जबलपुर

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