फ्लाईओवर पाठशाला...यहां 50 से अधिक मजदूरों के बच्चे सीख रहे ककहरा, ताकि पढ़-लिखकर अच्छे इंसान बन सकें
आर्मी स्कूल से रिटायर शिक्षिका की पहल

पल्लवी वाघेला-भोपाल। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। लेकिन वो बच्चे, जिनके पास न कोई दस्तावेज है, न जीविका और न ही रहने की स्थाई जगह, उनके लिए स्कूल बस सपना है। इन बच्चों के लिए शहर में अनोखा फ्लाई ओवर स्कूल काम कर रहा है। इसकी शुरुआत की है, आर्मी स्कूल से सेवानिवृत्त शिक्षिका मिथिलेश सिंह और उनकी एडवोकेट बेटी विनीता सिंह ने। दस माह से मानवता संरक्षण ट्रस्ट के बैनर तले सिंगारचोली फ्लाईओवर के नीचे यह अनूठी पाठशाला चल रही है। पाठशाला में बच्चों को नैतिक शिक्षा, हाइजीन और प्राथमिक शिक्षा दी जाती है।
दीवार पर बनाया ब्लैक बोर्ड : इस स्कूल में प्रवासी मजदूरों और भीख मांगने वाले बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा मिलती है। फ्लाईओवर की दीवारें ब्लैक बोर्ड हैं। अच्छा परफॉर्म करने वाले और स्वच्छ रहने वाले बच्चे को रोज गिफ्ट मिलता है।





















