
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर से नवरात्रि पर्व की शुरुआत हुई। रविवार को नवरात्र के पहले दिन तड़के 3 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। भगवान महाकाल को जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद, फलों के रस से पंचामृत पूजन किया गया। वहीं नवरात्रि पर बाबा महाकाल को आभूषण अर्पित कर देवी स्वरूप में श्रृंगार किया गया।
महाकाल का अर्धनारीश्वर स्वरूप में श्रृंगार
भस्म आरती के दौरान महाकाल का भांग, चंदन, ड्रायफूट, सिंदूर और आभूषणों से देवी स्वरूप में अर्धनारीश्वर स्वरूप में श्रृंगार किया गया। भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित पुष्प से बनी फूलों की माला अर्पित की गई। साथ ही फल और मिष्ठान का भोग लगाया।
श्रद्धालुओं ने लिया बाबा महाकाल का आशीर्वाद
नवरात्रि के पहले दिन अल सुबह भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ लिया। लोगों ने नंदी महाराज का दर्शन कर उनके कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान श्रद्धालु बाबा महाकाल की जयकारे भी लगा रहे थे। पूरा मंदिर बाबा की जयकारे से गुंजायमान हो रहा था। वहीं महा निर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई।
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— Peoples Samachar (@psamachar1) October 15, 2023
नवरात्रि 2023 शुभ मुहूर्त
- अश्विन शुक्ल पक्ष की तिथि 14 अक्टूबर 2023 को रात 11.24 मिनट पर शुरू होकर 16 अक्टूबर 2023 को प्रात: 12.03 मिनट पर समाप्त होगी।
- घटस्थापना सुबह का मुहूर्त – घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त में करना शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त 15 अक्टूबर सुबह 11 बजकर 44 मिनट से 12 बजकर 30 मिनट तक है।
- कलश स्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त – 15 अक्टूबर 2023 सुबह 11 बजकर 9 मिनट से लेकर 12 बजकर 33 मिनट का समय बेहद शुभ है।
शारदीय नवरात्रि की तिथि
15 अक्टूबर: घटस्थापना, मां शैलपुत्री की पूजा
16 अक्टूबर: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
17 अक्टूबर: मां चंद्रघंटा की पूजा
18 अक्टूबर: मां कूष्माण्डा की पूजा
19 अक्टूबर: मां स्कंदमाता की पूजा
20 अक्टूबर: मां कात्यायनी की पूजा
21 अक्टूबर: मां कालरात्रि की पूजा
22 अक्टूबर: दुर्गा अष्टमी, मां महागौरी की पूजा, कन्या पूजन
23 अक्टूबर: महानवमी, मां सिद्धिदात्री की पूजा, नवरात्रि हवन
9 देवियों के 9 रंग देंगे विशेष लाभ
- मां शैलपुत्री – नारंगी
- मां ब्रह्मचारिणी – सफेद
- मां चंद्रघंटा – लाल
- मां कूष्मांडा – नीला
- मां स्कंदमाता – पीला
- मां कात्यायनी – हरा
- मां कालरात्रि – स्लेटी
- मां महागौरी – बैंगनी
- मां सिद्धिदात्री – मयूर वाला हरा रंग
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