मादा चीता दक्षा ने भी तोड़ा दम, 43 दिन में तीसरी मौत, मेटिंग के दौरा नर चीते अग्नि ने किया घायल, पुनर्वास कार्यक्रम पर उठे सवाल

भोपाल/श्योपुर। कूनो पार्क में एक और मादा चीता काल के गाल में समा गई। “दक्षा” नाम की ये मादा चीता हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों की खेप में शामिल थी। केवल 41 दिन के अंतराल में दक्षा से पहले नमीबिया से लाई गई मादा चीता साशा और साउथ अफ्रीका से लाए गए नर चीते उदय की भी मौत हो चुकी है। प्रदेश के वन विभाग से मिली अधिकृत जानकारी के अनुसार मेटिंग के दौरान नर चीते अग्नि द्वारा दक्षा को घायल किया गया था। लगभग एक घंटे चले उपचार के बाद उसने दम तोड़ दिया।
मेटिंग के दौरान होने की जानकारी
कूनो पार्क प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक 30 अप्रैल को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण(एनटीसीए) और चीता पुनर्वास से जुड़े एक्सपर्ट्स की बैठक हुई थी। इसमें फैसला लिया गया था, कि नर चीता अग्नि और मादा चीता दक्षा को मिलन के लिए एक साथ बाड़े में छोड़ा जाए। ये फैसला भारत में चीतों का कुनबा बढ़ाने के लिए लिया गया था। इसके बाद पार्क प्रबंधन ने 6 मई को अग्नि को दक्षा के पास बाड़ा क्रमांक 1 में भेजा था। आज सुबह लगभग 11 बजे मॉनिटरिंग दल को बाड़े में दक्षा घायल हालत में मिली और उसका उपचार शुरू किया गया। लगभग 12 बजे इलाज के दौरान दक्षा की मृत्यु हो गई।












