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बड़ा पैकेज छोड़ बने किसान, जैविक खेती के साथ बीज कर रहे संरक्षित

ग्वालियर के बिलौआ, टेकनपुर, देवरी, घाटीगांव क्षेत्र को खेती के लिए पसंद कर रहे उच्च शिक्षित लोग
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बड़ा पैकेज छोड़ बने किसान, जैविक खेती के साथ बीज कर रहे संरक्षित

धर्मेंद्र त्रिवेदी-ग्वालियर। भारतीय अन्न की किस्मों को बचाने के साथ ही जमीन को रासायनिक खाद से बचाने की मुहिम लेकर जिले के कुछ उच्च शिक्षित लोगों ने नेचुरल और ऑर्गेनिक फार्मिंग शुरू की है। जमा-जमाया कॅरियर छोड़ कर हिम्मत, हौसले और जिद से शुरू किए गए इन किसानों के प्रयास अब रंग ला रहे हैं। इनमें से ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने 24 लाख रुपए वार्षिक पैकेज को भी छोड़ दिया।

बीते पांच वर्ष में इन किसानों का अनुभव ऐसा हो गया है कि मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, असम सहित 12 राज्यों के किसान नेचुरल एवं ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए प्रेरित हुए हैं। ग्वालियर में लगभग 500 किसानों का एक समूह तैयार हुआ है जो रासायनिक खेती की बजाय जैविक खेती को अपना चुका है। यह लोग विलुप्त हो रहे भारतीय बीजों को संरक्षित करने का काम भी कर रहे हैं।

गेहूं, गुलाब व धान की किस्मों को बचाने का काम किया

50 वर्षीय इंदु पचौरी (वरिष्ठ शिक्षिका, पैकेज 5 लाख साल) और उनके 52साल के पति ओमबाबू पचौरी (फोर्स मोटर्स के रीजनल हेड, पैकेज 24 लाख सालाना) ने नौकरी छोड़कर डबरा के पास समचौली गांव में जैविक और नेचुरल फार्मिंग अपनाई। इंदु पचौरी ने मशरूम की बटन, ऑस्टर, गेनाडरमा, मिल्की और सटाके किस्मों के उत्पादन पर काम किया। इसके अलावा विलुप्त हो रहे देशी बीजों को बचाने के लिए प्रयासरत हैं। अभी तक गेहूं की किस्मों में खपली, बंशी, कठिया, फूलों की किस्मों में गुलाब, गुड़हल, गेंदा, गिल्हैटी व धान की किस्मों में काला जीरा, जीरा शंकर, बासमती की किस्में संरक्षित की हैं।

आयुर्वेदिक दवाओं की खेती भी कर रहे

डॉ. नेहा दीक्षित (50) ने मेडिसिनल प्लांट में पीएचडी की है, जबकि विवेक दीक्षित (उम्र 53) इंजीनियर (10 लाख के पैकेज पर टाटा टेली सर्विसेज में कार्यरत थे)। दोनों ने मुंबई से जॉब छोड़कर बिलौआ के पास गंगापुर में 35 बीघा जमीन लेकर जैविक खेती शुरू की। मसाले और आयुर्वेदिक दवाओं के पौधों की किस्में भी उगा रहे हैं। इसी तरह बिलौआ के रवि चौरसिया , टेकनपुर के संतोख सिंह ने पुराने भारतीय बीजों को संरक्षित किया है।

People's Reporter
By People's Reporter

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