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दिल्ली आबकारी नीति केस : सुप्रीम कोर्ट ने के. कविता को दी जमानत, जमा करना होगा पासपोर्ट, 5 माह से थी जेल में बंद

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दिल्ली आबकारी नीति केस : सुप्रीम कोर्ट ने के. कविता को दी जमानत, जमा करना होगा पासपोर्ट, 5 माह से थी जेल में बंद
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धन शोधन मामलों में भारत राष्ट्र समिति (BRS) की नेता के. कविता को मंगलवार को जमानत दे दी। उन्हें ईडी और सीबीआई केस में जमानत दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि के कविता को 10-10 लाख के दो बेल बॉन्ड जमा कराने होंगे। कोर्ट ने कविता को पासपोर्ट सरेंडर करने को कहा है। साथ ही जमानत के दौरान सबूतों के साथ छेड़छाड़ नही करेंगी. गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगी। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि कविता करीब 5 महीनों से हिरासत में हैं और इन मामलों में उनके खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) तथा प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच पूरी हो गई है। कोर्ट ने उन्हें जमानत दिए जाने से इनकार करने वाले दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के एक जुलाई के आदेश को रद्द कर दिया।

CBI ने कविता को 11 अप्रैल को किया था गिरफ्तार

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 22 जुलाई को के कविता के खिलाफ सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया। आज उनकी न्यायिक हिरासत खत्म हो रही थी। कविता को सीबीआई ने इस मामले में 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने के कविता के 7 जून को खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

साउथ ग्रुप‘ से जुड़ी होने का आरोप

दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक आरोपी अमित अरोड़ा ने पूछताछ के दौरान कविता का नाम लिया था। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि ‘साउथ ग्रुप’ नाम की एक शराब लॉबी थी, ईडी ने दावा किया था कि कविता शराब कारोबारियों की लॉबी ‘साउथ ग्रुप’ से जुड़ी हुई थी। उन्होंने अन्य कारोबारियों के जरिए दिल्ली में AAP सरकार के नेताओं को 100 करोड़ रुपए का भुगतान किया।

क्या है पूरा मामला ?

दिल्ली में केजरीवाल की सरकार में डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया ने 22 मार्च 2021 को नई शराब नीति का ऐलान किया था। 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति यानी एक्साइज पॉलिसी 2021-22 लागू कर दी गई। नई शराब नीति लागू करने के बाद सरकार शराब के कारोबार से बाहर आ गई और शराब की पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गई। नई नीति लाने के पीछे सरकार का तर्क था कि इससे माफिया राज खत्म होगा और सरकार का रेवेन्यू में बढ़ेगा। नई नीति से रेवेन्यू में 1500-2000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई थी। नई पॉलिसी में कहा गया था कि दिल्ली में शराब की कुल दुकानें पहले की तरह 850 ही रहेंगी। हालांकि, नई नीति शुरू से ही विवादों में रही। जब बवाल ज्यादा बढ़ गया, तब 28 जुलाई 2022 को सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी पॉलिसी लागू कर दी। मामले में सीबीआई को जांच ट्रांसफर दी गई। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा एंगल आने पर इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हो गई। उसके बाद से AAP के कई सीनियर नेता और उनके करीबी सहयोगी जांच एजेंसी के निशाने पर आ गए। ये भी पढ़ें- Delhi Liquor Scam : अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत का आज आखिरी दिन, CBI केस में होगी सुनवाई, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में होंगे पेश
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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