
यूरोपीय संघ (EU) भारत से कारों और वाइन पर ऊंचे टैरिफ को कम करने की मांग करने वाला है, ताकि व्यापार को बढ़ावा दिया जा सके। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब EU चीन पर अपनी निर्भरता घटाने की कोशिश कर रहा है। इस मकसद के साथ EU की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन भारत दौरे पर आ सकती हैं।
चीन पर निर्भरता कम करना चाहता है EU
EU भारत से अपने बाजार को अधिक खोलने और यूरोपीय उत्पादों के लिए अधिक पहुंच देने की अपेक्षा कर रहा है। जबकि बदले में वह कृषि क्षेत्र में कुछ रियायतें देने को तैयार है। दोनों पक्षों के बीच व्यापार वार्ता 10-14 मार्च को ब्रसेल्स में होगी। इसके अलावा, EU अपनी सप्लाई चेन को डाइवर्स बनाते हुए चीन पर निर्भरता कम करना चाहता है और भारत को एक मजबूत आर्थिक व सुरक्षा साझेदार के रूप में देखता है। इस चर्चा में साइबर सुरक्षा और रक्षा सहयोग जैसे मुद्दे भी शामिल होंगे।
अलग है EU और भारत की प्राथमिकताएं
इसके साथ EU भारत को यूक्रेन युद्ध में ‘शांतिपूर्ण और न्यायसंगत समाधान’ का समर्थन करने के लिए भी मनाने की कोशिश करेगा। साथ ही, दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने पर भी सहमति बन सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक बड़े व्यापारिक समझौतों की नींव तो रख सकती है, लेकिन त्वरित नतीजे आना मुश्किल है। भारत और EU दोनों के लिए चीन चिंता का विषय है। लेकिन दोनों की प्राथमिकताएं अलग है। भारत सीमा विवाद पर फोकस कर रहा है, जबकि EU रूस-यूक्रेन संघर्ष और NATO से जुड़ी चिंताओं में उलझा हुआ है।
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