
भोपाल। प्रदेश के बजट में महिला सुरक्षा पर राशि बढ़ना चाहिए, स्कूलों में हेल्थ के लिए भी बजट अधिक हो और किसानों व छात्रों को डिजिटल साक्षरता पर जोर दिया जाए। इस तरह के सुझाव बुधवार को प्रशासन अकादमी में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने दिए हैं। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि आवश्यक सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा। उन्होंने जनता पर अतिरिक्त कर का भार आने से इनकार किया।
विषय विशेषज्ञों ने ऐसे दिए अपने सुझाव
डिजिटल साक्षरता: हेमंत सोनी महाप्रबंधक रिजर्व बैक ऑफ इंडिया- जलवायु जोखिम, पर्याप्त भंडारण स्थान, किसानों और छात्रों के लिए वित्तीय और डिजिटल साक्षरता पर जोर दिया जाए।
सिंचाई क्षेत्र: नंदू जे. नाइक उप महा प्रबंधक नाबार्ड-हार्टीकल्चर एवं माइक्रो सिंचाई, इंपोर्ट मार्केट बढ़ाने की आवश्यकता है। लॉजिस्टिक एवं कॉपोर्रेट सेक्टर में कार्य किया जाना चाहिए। साथ ही किसानों के छोटेछोटे ग्रुप बनाए जाना चाहिए।
पूंजीगत व्यय बढ़े: प्रो. सी. प्रताप रंजन जैना नई दिल्ली-विभिन्न क्षेत्रों में पूंजीगत व्यय बढ़े।
महिला सुरक्षा: कान्ता सिंह डिप्टी काउंट्री रिप्रेजेन्टेटिव यूएन वूमेन इंडिया- महिलाओं की सेμटी और केयर वेल्डिंग इकॉनॉमिक्स पर ज्यादा राशि मिले।
स्कूल हेल्थ: ह्यून ही बेन चीफ सोशल पॉलिसी यूनिसेफ इंडिया- बच्चों के विकास के लिए बजट और देना चाहिए। क्लाइमेट चेंज पर भी ध्यान दिया जाए। स्कूलों में हेल्थ के लिए बजट बढ़े।
उद्योग के लिए सब्सिडी: प्रो. सिद्धार्थ चतुर्वेदी एक्स चेयरमेन सीआईआई- उद्योग के लिए स्टाम्प ड्यूटी पर सब्सिडी पर सरकार को विचार करना चाहिए।
यह सुझा भी आए
सर्विस सेक्टर, टेक्सटाइल में टेक्नॉलॉजी डेवेलपमेंट इंन्फ्रास्ट्रकचर में रोडवेज, लॉजिस्टिक, एयरपोर्ट का विकास, ड्रोन सेवाओं, सोलर एनर्जी, डिफेंस, ईव्ही पर अतिरिक्त राशि की व्यवस्था हो। महिलाओं के लिए स्टार्ट-अप, हेल्थ क्षेत्र में महिलाओं और बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था की जाए। शिक्षा के क्षेत्र में रिसर्च और स्किल आईटी से जोड़ने पर जोर रहे। वनों एवं जल के लिए अलग से वातावरण के हिसाब से बजट बने, वाइल्ड लाइफ एवं पर्यावरण और क्लाइमेट चेंज को ध्यान में रखा जाए, टूरिज्म, विलेज टूरिज्म पर जोर दिया गया।