
हर्षित चौरसिया-जबलपुर। प्रदेश भर के सबसे चर्चित नेशनल पार्क पेंच में भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटक अब हाथी सफारी का आनंद भी ले सकेंगे। एक अक्टूबर से शुरू होने वाली इस सफारी को पेंच पार्क प्रबंधन से अनुमति भी मिल गई है। हाथी सफारी करने वाले पर्यटकों के लिए विभाग ने शुल्क भी निर्धारित कर दिया है। पार्क में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए और पर्यटकों की डिमांड को देखते हुए हाथी सफारी के लिए विभाग से अनुमति मांगी गई थी।
इतना है किराया
सफारी के लिए भारतीय पर्यटक को 1 हजार, विदेशी पर्यटक के लिए 2 हजार व बच्चों के लिए 500 रुपए का शुल्क रखा गया है।
हाथी सफारी के लिए ये भी प्रसिद्ध
- कार्बेट नेशनल पार्क (नैनीताल)
- बंदीपुर नेशनल पार्क (कर्नाटक)
- बांधवगढ़ नेशनल पार्क (मप्र)
- गिर नेशनल पार्क और सासन गिर सेंचुरी (गुजरात)
- कान्हा नेशनल पार्क (मप्र)
- काजीरंगा नेशनल पार्क (असम)
- मानस नेशनल पार्क (गुवाहाटी)
- डिब्रू सैखोवा नेशनल पार्क (डिब्रूगढ़)
- नागरहोल नेशनल पार्क (कर्नाटक)
एक दिन में सिर्फ 8 पर्यटक ही कर पाएंगे सफारी
प्रबंधन के मुताबिक पार्क में हाथी सफारी के लिए पर्यटकों की संख्या एक दिन में 8 निर्धारित की गई है। सफारी के लिए सिर्फ पार्क के दो पालतू हाथियों को लगाया जाएगा।
इन नेशनल पार्कों में आज से लौटेगी रौनक
- कान्हा: पार्क के फील्ड डायरेक्टर एसके सिंह ने बताया कि अक्टूबर में कोर जोन में सुबह-शाम की सफारी फुल हो चुकी है। बफर जोन में सफारी के लिए ऑनलाइन टिकट हैं।
- बांधवगढ़: पार्क के डिप्टी डायरेक्टर प्रकाश वर्मा ने बताया कि आज से पार्क पर्यटकों के भ्रमण के लिए खोले गए हैं। पार्क में कोर जोन की सफारी 15 दिनों तक फुल है।
- रातापानी सेंक्चुरी: यह पर्यटकों के लिए 16 अक्टूबर से खुलेगी। सेंक्चुरी के अधीक्षक सुनील भारद्वाज ने बताया कि बारिश का सिलसिला जारी है। अंदर के रास्तों पर कीचड़ हो गया है। रास्ते बंद पड़े हैं।
हाथी सफारी आज से
पेंच नेशनल पार्क में भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटकों को अब हाथी सफारी की सुविधा 1 अक्टूबर से मिलेगी। इसके अलग- अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं। -रजनीश सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, पेंच नेशनल पार्क