
प्रवीण श्रीवास्तव-भोपाल। एक अजीबो-गरीब बीमारी है ट्राइजेमिनल न्यूरोल्जिया। इसमें चेहरे के एक हिस्से में बिजली जैसे झटके लगते हैं। दर्द इतना तेज होता है कि मरीज इससे निजात पाने के लिए आत्महत्या का प्रयास भी कर लेते हैं। इसलिए इसे सुसाइडल पेन डिसऑर्डर भी कहते हैं। वैसे तो इस बीमारी का इलाज ब्रेन की ओपन सर्जरी ही है, लेकिन राजधानी के हमीदिया अस्पताल में महज एक घंटे के प्रोसीजर से इस बीमारी से बड़ी राहत मिल सकती है। यहां एनस्थीसिया पेन क्लीनिक में ट्राइजेमिनल न्यूरोल्जिया का इलाज शुरू किया गया है।
न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है
पेन क्लीनिक विशेषज्ञ डॉ. जयदीप के मुताबिक यह दर्द ट्राइजेमिनल नाम की नस (नर्व) में होने वाले दर्द की वजह से होता है। किसी ब्लड वैसल द्वारा ट्राइजेमिनल नर्व के दब जाने से यह स्थिति बनती है। यही वह नस है, जो चेहरे, आंख, साइनस और मुंह में होने वाले किसी भी तरह के दर्द या अहसास को ब्रेन तक पहुंचाती है। इसके इलाज के लिए परकुटेनियस बैलून कंप्रेशन ऑफ गैसेरियन गैंगलियोन नामक तकनीक का उपयोग किया जाता है।
हवा लगने पर भी होता है दर्द
विभाग के प्रोफेसर डॉ. यशवंत धवले बताते हैं कि इस बीमारी में चेहरे में एक तरफ बेहद तेज दर्द होता है। स्थिति यह हो जाती है कि मरीज के लिए ब्रश करना या चेहरे को छूना तो दूर हवा के झोंके से भी हाईवोल्टेज करंट जैसा महसूस होता है।
सलमान का अमेरिका में इलाज
इस बीमारी के बारे में सलमान खान ने साल 2001 में जानकारी दी थी। इसके बाद वे साल 2011 में इलाज कराने के लिए अमेरिका गए थे। वहां उनकी सर्जरी की गई थी। 2007 में यह दर्द उनके मुंह के ऊपरी हिस्से में था, 2010 में यह जबड़े में आ गया था।
ट्राइजेमिनल न्यूरोल्जिया के साथ साइटिका, जोड़ों के दर्द, स्पाइन के दर्द का इलाज किया जाता है। नई तकनीक से सालों के दर्द को दूर किया जा सकता है। पेन क्लीनिक का आयोजन सप्ताह में दो बार किया जाता है। – डॉ. आरपी कौशल, विभागाध्यक्ष, एनस्थीसिया विभाग