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Assembly Election 2024 Date : जम्मू-कश्मीर में 3… हरियाणा में एक फेज में होंगे विधानसभा चुनाव, 4 अक्टूबर को नतीजे

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने शुक्रवार (16 अगस्त) को जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के विधानसभा चुनावों का ऐलान कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में 3 फेज- 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को वोटिंग होगी। वहीं हरियाणा में एक फेज 1 अक्टूबर को मतदान होगा। दोनों राज्यों में नतीजे 4 अक्टूबर को आएंगे।

जम्मू कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। आखिरी बार जम्मू कश्मीर में 2014 में चुनाव हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर 2024 तक जम्मू कश्मीर में चुनाव कराने का आदेश दिया था। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद ये पहला विधानसभा चुनाव होगा।

जम्मू-कश्मीर में 87.09 लाख लोग करेंगे मतदान

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, “जम्मू-कश्मीर में कुल 90 निर्वाचन क्षेत्र हैं जिसमें से 74 जनरल, 9 ST और 7 SC हैं। मतदाताओं की संख्या कुल 87.09 लाख हैं जिसमें 44.46 लाख पुरुष और 42.62 लाख महिला मतदाता होंगे। जम्मू-कश्मीर में युवा मतदाताओं की संख्या 20 लाख है।”

जम्मू-कश्मीर में पार्टियों ने एक और अनुरोध किया था कि उनके जो उम्मीदवार हैं और पार्टी के पदाधिकारी हैं उन सभी को बराबर सुरक्षा मिले ऐसा ना हो किसी को कम सुरक्षा मिले। हमने इसे लेकर दिशा निर्देश दे दिए हैं कि सभी उम्मीदवारों को सुरक्षा मिले।

हरियाणा में 2 करोड़ से ज्यादा मतदाता

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने आगे कहा कि, “मैं जम्मू कश्मीर के युवाओं के लिए एक लाइन कहना चाहता हूं। लम्बी कतारों में छुपी है, बदलते सूरत-ए-हाल, यानी जम्हूरियत की कहानी। रोशन उम्मीदें, अब खुद करेंगी गोया, अपनी तकदीरें बयानी। जम्हूरियत के जश्न में, आपकी शिरकत, दुनिया  देखेगी नापाक इरादों के शिकस्त की कहानी।”

हरियाणा में कुल 90 निर्वाचन क्षेत्र हैं जिसमें से 73 जनरल, ST-0 और SC- 17 हैं। कुल मतदाताओं की संख्या 2.01 करोड़ हैं, जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.06 करोड़, महिला मतदाताओं की संख्या 0.95 करोड़ है।

जम्मू-कश्मीर में 90 सीटों पर होंगे चुनाव

जम्मू-कश्मीर में अब विधानसभा सीटों की संख्या बढ़कर 90 हो गई है। जम्मू में अब 43 और कश्मीर में 47 सीटें होंगी। पीओके के लिए 24 सीटें ही रिजर्व हैं, यहां चुनाव नहीं कराए जा सकते। वहीं लद्दाख में विधानसभा ही नहीं है। इस तरह से कुल 114 सीटें हैं, जिनमें से 90 पर चुनाव कराए जाएंगे। जम्मू रीजन में सांबा, कठुआ, राजौरी, किश्तवाड़, डोडा और उधमपुर में एक-एक सीट बढ़ाई गई है। वहीं, कश्मीर रीजन में कुपवाड़ा जिले में एक सीट बढ़ाई गई है।

महाराष्ट्र में क्यों नहीं हुए चुनावों के ऐलान

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में चुनाव के ऐलान न कराने को लेकर जवाब दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि, जम्मू-कश्मीर में चुनाव का ऐलान हुआ है, इसलिए महाराष्ट्र को लेकर अभी चुनाव कराने का फैसला नहीं लिया गया है। इसके अलावा कई त्योहार भी इसी दौरान आने वाले हैं। पितृ पक्ष, नवरात्रि, दशहरा-दीपावली पड़ेंगे, इसलिए अभी इनका ऐलान नहीं हुआ है।

राज्यों में सत्ता का समीकरण

राज्य : महाराष्ट्र

  • सरकार : बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) सरकार
  • कार्यकाल खत्म : 8 नवंबर 2024
  • कुल सीटें : 288
  • बहुमत का आंकड़ा : 144
  • 2019 विधानसभा में NDA 201, महाविकास अघाड़ी को 67 सीटें

राज्य : हरियाणा

  • सरकार : बीजेपी सरकार
  • कार्यकाल खत्म : 3 नवंबर 2024
  • संभावित चुनाव : अक्टूबर 2024
  • कुल सीटें : 90
  • बहुमत का आंकड़ा : 46
  • 2019 हरियाणा विधानसभा चुनाव में NDA को बहुमत मिला था।
  • NDA के पास 43 सीटें और विपक्ष के पास 44 सीटे हैं। हरियाणा विधानसभा में अभी 87 विधायक हैं। तीन सीटें खाली हैं।

राज्य : झारखंड

  • सरकार : जेएमएम-कांग्रेस सरकार
  • कार्यकाल खत्म : 4 जनवरी 2025
  • संभावित चुनाव : अक्टूबर 2024
  • कुल सीटें : 81
  • बहुमत का आंकड़ा : 41
  • 2019 झारखंड विधानसभा चुनाव में JMM और कांग्रेस गठबंधन की सरकार। झारखंड विधानसभा में अभी 74 विधायक हैं। 7 सीटें खाली हैं।
  • गठबंधन के पास 48 विधायक हैं। झामुमो के 29, कांग्रेस के 17, राजद का एक और CPI(ML) का एक MLA है। हेमंत सोरेन राज्य के मुख्यमंत्री बने।
  • झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले में 31 जनवरी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह चंपई सोरेन को सीएम बनाया गया।
  • झारखंड हाईकोर्ट ने 28 जून को हेमंत सोरेन को जमानत दी। जिसके बाद चंपई सोरेन ने सीएम पद से इस्तीफा दिया और 4 जुलाई को हेमंत ने तीसरी बार राज्य के सीएम पद की शपथ ली।

जम्मू-कश्मीर में 2018 से सरकार भंग

राज्यों में मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल क्रमशः हरियाणा में 3 नवंबर, महाराष्ट्र में 26 नवंबर को समाप्त होने जा रहा है। झारखंड विधानसभा का कार्यकाल भी 5 जनवरी 2025 को खत्म होगा। इन विधानसभाओं के चुनाव उनके कार्यकाल पूरा होने से पहले कराए जाने हैं। इसके अलावा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद नए सदन के गठन के लिए जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव भी कराए जाने हैं। जम्मू-कश्मीर में 2018 से सरकार भंग हैं। यहां पर राष्ट्रपति शासन है। यहां आखिरी बार 2014 में चुनाव हुए थे। जब BJP-PDP का अलायंस टूटा तो सरकार भंग हो गई।

2019 में हटी धारा 370

जम्मू-कश्मीर में साल 2014 के बाद से विधानसभा चुनाव का आयोजन नहीं हुआ है। 2019 राज्य से धारा 370 के हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया था। साथ ही लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर दिया गया था। रेड्डी को भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया है। सोमवार को जम्मू के बाहरी इलाके में रैली करते हुए रेड्डी ने घाटी में विकास की गति बनाए रखने और आतंकवाद को उखाड़ने लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील की है।

पिछली बार घाटी में 2014 में हुआ था विस चुनाव

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव सितंबर में होंगे और हमें यकीन है कि लोग भाजपा को पूर्ण बहुमत से सत्ता में लाएंगे। बता दें, पिछली बार घाटी में विस चुनाव का आयोजन 2014 में किया गया था। 19 जून 2018 को भाजपा की ओर से समर्थन वापस लेने के बाद तत्कालीन सीएम महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया था और उसके बाद जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू हुआ। बाद में यहां बाद में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया।

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