
भोपाल। मध्य प्रदेश में आज से डॉक्टर्स की हड़ताल शुरू हो गई है। प्रमोशन सहित विभिन्न मांगों को लेकर मध्य प्रदेश चिकित्सक महासंघ के बैनर तले हड़ताल का ऐलान किया है। सभी जिलों में हड़ताल के पहले दिन सुबह 8 बजे से काली पट्टी बांधकर डॉक्टर काम कर रहे हैं। आज प्रदेश के लगभग 10 हजार डॉक्टर्स आंदोलनरत हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ सकती है।
इस हड़ताल को सरकारी जूनियर डॉक्टर्स, स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर या अन्य विभागों के डॉक्टर्स के अलावा इस बार सभी विभागों के डॉक्टर हड़ताल में शामिल हैं और नर्सिंग होम एसोसिएशन ने भी समर्थन किया है। ऐसे में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 17 फरवरी से हालात बिगड़ सकते हैं।
भोपाल का जेपी अस्पताल
#भोपाल : राजधानी के सरकारी अस्पतालों में #डॉक्टरों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर सांकेतिक धरना दिया। #जेपी_अस्पताल में डॉक्टर हाथ में काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं।#DoctorStrike @healthminmp @DrPRChoudhary @CMMadhyaPradesh #MPNews #PeoplesUpdate pic.twitter.com/yvbTPK7paN
— Peoples Samachar (@psamachar1) February 15, 2023
जबलपुर का विक्टोरिया हॉस्पिटल
#जबलपुर : सरकारी अस्पताल के #डॉक्टरों ने विभिन्न मांगों को लेकर विक्टोरिया हॉस्पिटल में #ब्लैकरिबन बांधकर किया विरोध प्रदर्शन। पूरे #प्रदेश में हो रहा सांकेतिक प्रदर्शन।@healthminmp @DrPRChoudhary @CMMadhyaPradesh#MPNews #PeoplesUpdate pic.twitter.com/CQ6q0Ipt0b
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कल इमरजेंसी सर्विसेज चालू रहेंगी
चिकित्सक महासंघ के अनुसार, डॉक्टरों का आंदोलन बुधवार 15 फरवरी से शुरू हो रहा है। पहले दिन काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। 16 फरवरी को पूरे प्रदेश में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। इस दौरान न तो मरीजों का इलाज होगा और न ही रूटीन ऑपरेशन होंगे। इसके साथ ही टीचिंग वर्क, एमएलसी और पोस्टमार्टम भी बंद रहेंगे। सिर्फ इमरजेंसी सर्विसेज चालू रहेंगी। 17 फरवरी से पूरी तरह काम बंद कर देंगे। डॉक्टरों का कहना है कि हड़ताल की सूचना पहले ही अधिकारियों को दे दी गई है।
वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश
दरअसल, संभावित हड़ताल को देखते हुए 45 जिला अस्पतालों और प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज प्रबंधनों को नोटिस जारी किया गया है। इसमें हड़ताल के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है।
क्या है हड़ताल की वजह ?
जानकारी के अनुसार, मप्र में लंबे समय से डॉक्टरों का प्रमोशन रुका हुआ है। वेतन विसंगतियां और पदोन्नति में भी गड़बड़ियां हैं। अब तक प्रदेश में डीएसीपी लागू नहीं किया गया है। यही कारण है कि पहली बार सभी वर्ग के चिकित्सक एक साथ हड़ताल पर जा रहे हैं।