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डायबिटिक और बीपी पेशेंट्स न खाएं साबूदाना, यह बढ़ा देता है शुगर लेवल

साबूदाना पर रील्स कर रहे कंफ्यूज, न्यूट्रिशनिस्ट से पूछे जा रहे सवाल
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डायबिटिक और बीपी पेशेंट्स न खाएं साबूदाना, यह बढ़ा देता है शुगर लेवल

प्रीति जैन- व्रतों के समय पर साबूदाना को लेकर कई वीडियोज और रील्स आने लगती है, जिसमें कोई साबूदाने के फायदे बताता है तो कोई कमियां। कोई इसे फाइबर रिच कहता है तो कोई फुल स्टार्च डाइट। इस बारे में अलग-अलग जानकारियां व्यूअर्स को मिलती हैं लेकिन एक सही जानकारी उन तक नहीं पहुंच पाती कि वाकई साबूदाना खाना चाहिए या नहीं। यदि खा सकते हैं तो इसका तरीका क्या है और कौन लोग साबूदाना नहीं खा सकते। इसे लेकर जब न्यूट्रिशनिस्ट से बात की तो उन्होंने साबूदाने के सेवन को लेकर कई फैक्ट्स बताए, जिससे पता चलता है कि साबूदाने में फाइबर बिल्कुल न के बराबर होता है और यह पूरी तरह के कार्ब्स हैं। इसमें कार्बोहाइड्रेट के अलावा अन्य पोषक तत्व नहीं होते।

खिचड़ी में डलता है रॉक सॉल्ट, बीपी वाले न खाएं

डायबिटिक पेशेंट्स को साबूदाना नहीं खाना चाहिए क्योंकि स्टार्च की अधिकता होने से यह तुरंत शुगर लेवल हाई कर देता है। वहीं बीपी के मरीजों को भी साबूदाना खिचड़ी या वड़े नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसमें रॉक सॉल्ट डाला जाता है, जिसमें पोटेशियम की अधिकता होती है। पोटेशियम की अधिकता बीपी के मरीजों के लिए नुकसानदायक होती है। जिन्हेंकोई बीमारी नहीं है वे साबूदाना खीर खा सकते हैं। खीर में भी कोशिश करें कि चीनी कम से कम रखें। साबूदाना रोज खाने की बजाए किसी दिन मोरधन, सिंघाड़ा, राजगीर या कूट्टू जैसे फलाहारी आटे इस्तेमाल कर सकते हैं। जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या है, उन्हें भी साबूदाना नहीं खाना चाहिए। -डॉ. रश्मि श्रीवास्तव, न्यूट्रिशनिस्ट

खिचड़ी में मिलाएं आलू की जगह शकरकंद

साबूदाना पेट की तकलीफों में आराम पहुंचाता है। अगर किसी को लूज मोशन हो रहे हों, तो उसे साबूदाना खीर बनाकर खिलाई जाती है। यदि आप भी साबूदाना खाने के शौकीन हैं, तो इसे दूध, सीड्स, ड्राई फ्रूट्स, नट्स या सीजनल सब्जियों के साथ खाएं। साबूदाना खिचड़ी को दही एक साथ खाएं, इससे इसकी पौष्टिकता बढ़ जाएगी। कढ़ी पत्ता, जीरा, अदरक, हरी मिर्च, शकरकंद डाल सकते हैं। नारियल, हरा धनिया, मूंगफली, नींबू का रस भी डाल सकते हैं। सिर्फ साबूदाना में आलू की जगह पौष्टिकता बढ़ाने के लिए शकरकंद डाल सकते हैं। अगर आपका वजन कम है तो इसे खाने में टेंशन नहीं है। -निधि शुक्ला पांडे, न्यूट्रिशनिस्ट

कॉल करके ली जा रही साबूदाने पर सही जानकारी

इस समय कई पेशेंट्स व अन्य लोग कॉल करके कंसल्ट करते हैं कि साबूदाना खाएं या नहीं। इसके अलावा अन्य फलाहारी के बारे में भी जानकारी लेते हैं, लेकिन साबूदाना प्रचलन में ज्यादा रहता है तो सवाल उसी को लेकर ज्यादा आते हैं। इसकी न्यूट्रीशनल वैल्यू बढ़ाने के लिए साबूदाना खिचड़ी और वड़ा में मूंगफली, पनीर आदि मिलाए जाते हैं। साबूदाना खीर में दूध, सीड्स और ड्राई फ्रूट्स इसका स्वाद और न्यूट्रीएंट्स दोनों बढ़ा देते हैं। वेट लॉस प्रोग्राम फॉलो कर रहे हैं तो फिर साबूदाना खिचड़ी या वड़े न खाएं क्योंकि इसे बनाने में तेल ज्यादा लगता है जिससे यह हाई कैलोरी फूड बन जाता है। - विनिता मेवाड़े, डाइटीशियन

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