
इंटरनेशनल डेस्क। अफ्रीका कॉन्टिनेंट का दूसरा सबसे बड़ा देश पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में है। यहां के बुकावू शहर में रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने कोहराम मचाया हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांगो के बुकावू शहर में मूसलाधार बारिश की वजह से कई जगहों पर भूस्खलन जैसी स्थिति बनी और कई जगह मकान ढह गए। इस दौरान 14 लोगों की मौत हो गई है।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
दरअसल, इन दिनों बुकावू शहर को बाढ़ और भूस्खलन का सामना करना पड़ रहा है। इबांडा के बुकावु कम्यून में जहां कई लोग कच्चे घरों में रहते हैं, वे बारिश की वजह से ढह गए हैं। कम्यून के मेयर जीन बालेक मुगाबो ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। इसके साथ ही कई पीड़ित को गंभीर चोट लगने के कारण हॉस्पिटल में एडमिट हैं।
कांगो में 20 दिसंबर को चुनाव
कांगो में 20 दिसंबर को चुनाव होने हैं। चुनाव प्रचार के बीच अफ्रीका के दूसरे सबसे बड़े देश में कमजोर बुनियादी ढांचा उजागर हुआ है, खासकर दक्षिण किवु जैसे संघर्षग्रस्त पूर्वी प्रांतों में, जहां बुकावू शहर है।
इससे पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
- सितंबर में हुई थी 17 लोगों की मौत
सितंबर में उत्तर-पश्चिमी कांगो में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन हुआ था, जिसमें घर ढहने से कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई थी। नागरिक समाज संगठन फोर्सेस वाइव्स के अध्यक्ष मैथ्यू मोल की दी गई जानकारी के अनुसार, यह आपदा उत्तर-पश्चिमी मोंगाला प्रांत के लिसल शहर में हुई थी जो कि कांगो नदी के किनारे बसा हुआ है।
- मई में 170 लोगों की मौत
कांगो के साउथ किवु प्रांत में कालेहे इलाके में बाढ़ और भूस्खलन ने मई में भी तबाही मचाई थी। यहां लगातार 2 दिन भारी बारिश हुई थी। जिसकी वजह से बाढ़ आ गई थी और भूस्खलन हो गया था। इस वजह से बुशुशु गांव और न्यामुकुबी गांव में पानी भर गया था। जिसमें सैकड़ों लोग अपनी जान गवा बैठे थे। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, इस मुसीबत में 170 से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
अफ्रीका में साइक्लोन ने मचाई थी तबाही
अफ्रीका के कई देशों में फ्रेडी साइक्लोन ने तबाही मचाई थी। यहां मलावी, मोजाम्बिक और मेडागास्कर में भारी बारिश-बाढ़ और भूस्खलन के चलते काफी नुकसान हुआ था। साइक्लोन की वजह से हजारों लोगों के घर तबाह हो गए थे।