
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 29 हजार पेड़ काटकर मंत्री-विधायकों के बंगले बनाने की योजना सरकार ने रद्द कर दी है। सोमवार दोपहर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक्स पर दी जानकारी
नए भोपाल के पुनर्घनत्वीकरण योजना के पर्यावरण संरक्षण एवं क्षेत्र में विद्यमान वृक्षों को देखते हुए प्रस्तुत प्रस्ताव को संपूर्ण विचारोपरांत अस्वीकृत कर अन्य वैकल्पिक स्थानों के परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। नवीन प्रस्ताव हेतु प्रारंभिक स्तर पर भी नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श भी किया जाएगा।
मंत्री के ट्वीट के बाद भी जारी रहेगा प्रदर्शन
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के ट्वीट के बाद भी सोमवार (17 जून) शाम को होने वाला प्रदर्शन जारी रहेगा। पूर्व पार्षद अमित शर्मा ने कहा कि मौखिक तौर पर पहले भी कई बार आश्वासन दिए जा चुके हैं। कल ही पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी मौखिक कहा था, लेकिन हमें आदेश चाहिए। सरकार आदेश निकाले। इसके बाद ही हटेंगे। आज शाम को होने वाला आंदोलन यथावत रहेगा। शाम को कैंडल मार्च निकालेंगे।
50 से 70 साल तक पुराने हैं पेड़
पूर्व पार्षद अमित शर्मा ने बताया कि 29 हजार पेड़ 50 से 70 साल तक पुराने हैं। जिन्हें बचाने के लिए लोग सड़क पर उतर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के खिलाफ 12 जून से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
मध्य प्रदेश सरकार ने मंत्रियों और विधायकों के नए आवास बनाने के लिए 2,378 करोड़ रुपए की योजना लेकर आई। इस योजना के तहत तुलसी नगर और शिवाजी नगर की 297 एकड़ जमीन पर मंत्री-विधायक और अफसरों के लिए बंगले फ्लैट बनाए जाना तय था। योजना के मुताबिक मंत्रियों के लिए 30 बंगले, 16 फ्लैट और 230 विधायकों के लिए फ्लैट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 3480 अफसरों के लिए बंगले और मकान भी बनाए जाने थे। डेवलपर को निर्माण लागत के बदले में 63 एकड़ के लैंड पार्सल दिए जाएंगे। इन लैंड पार्सल पर डेवलपर रेसिंडेशियल और कमर्शियल डेवलपमेंट कर सकेगा। इस पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग भी काम कर रहा है। इस योजना के लिए 29 हजार पेड़ों को काटने का विरोध हो रहा है।
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