बड़े नेताओं ने चुनाव लड़ने से मना किया तो दिल्ली मनाएगी

कांग्रेस में दिनभर चलीं बैठकें, कई विधायकों के नाम भी सामने आए
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बड़े नेताओं ने चुनाव लड़ने से मना किया तो दिल्ली मनाएगी

भोपाल। लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की बैठकों का दौर शनिवार से शुरू हो गया। मप्र के लिए बनी स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरपर्सन रजनी पाटिल और सदस्यों परगट सिंह व कृष्णा अल्लावरू ने कांग्रेस चुनाव समिति के सदस्यों और लोकसभा क्षेत्रों के लिए तय किए गए समन्वयकों से प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन किया। रजनी पाटिल ने कहा कि ‘बहुत से नेताओं ने सुझाव दिए हैं कि यदि बड़े नेता चुनाव लड़ेंगे तो कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। बैठक में पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद रहे। पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ऑनलाइन शामिल हुए।

इनके नाम भी सुझाए

लोकसभा के लिए युवाओं ने दावेदारी की है। उज्जैन से विधायक महेश परमार और रामलाल मालवीय का नाम है। सागर से श्रीराम पाराशर, संतोष पांडे, अरुणोदय चौबे और प्रभुसिंह ठाकुर जैसे नाम हैं। विदिशा से दीपक जोशी, प्रतापभानु शर्मा ने दावेदारी की है।

मुरैना से 22 दावेदार

लोकसभा समन्वयकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से लौटकर आकर रिपोर्ट स्क्रीनिंग कमेटी के साथ साझा की। समन्वयकों ने जितने भी दावेदारों ने आवेदन दिए उनके बारे में बताया। इनमें खरगोन से 8, सागर, भिंड से 15, खंडवा से 20, भोपाल, विदिशा से 10, मुरैना से 22 दावेदार सामने आए।

कोई तैयार, किसी का इनकार

लोकसभा समन्वयकों ने जो नाम सुझाए हैं उनमें वरिष्ठ नेताओं और मौजूदा विधायकों के नाम भी हैं। इनमें से कुछ तो पार्टी आदेश का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने को तैयार हैं तो कुछ वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव लड़ने से इनकार किया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान विधायक अजय सिंह ने कहा कि ‘मैं दो बार लोकसभा का चुनाव लड़ चुका हूं। पार्टी फिर लड़ाएगी तो चुनाव लड़ लूंगा। संजय शर्मा और महेश परमार भी पार्टी आदेश की बात कहते हैं। वहीं, खरगोन से बाला बच्चन, ग्यारसीलाल रावत, प्यारेलाल पोर्ते जैसे नाम हैं, लेकिन बाला बच्चन तैयार नहीं हैं। दिग्विजय सिंह भी चुनाव लड़ने का मन नहीं होने की बात कह चुके हैं।

युवा-वरिष्ठ दोनों तरह के प्रत्याशी होंगे : पाटिल

मप्र के लिए कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरपर्सन रजनी पाटिल ने पीपुल्स समाचार से बातचीत की। जब उनसे पूछा गया कि यंग लीडरशिप की बात की जा रही है तो वरिष्ठ नेताओं को चुनाव लड़ाने पर जोर क्यों? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अगर वरिष्ठ जीतने वाले हैं तो उन्हें रिक्वेस्ट करेंगे। अगर बुजुर्ग हो गए तो कोने में थोड़े बिठा देंगे। युवाओं को भी मौका मिलेगा। वरिष्ठ और युवाओं को टिकट का अनुपात दिल्ली में होने वाली बैठक में तय होगा। राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह आस्था का विषय है।

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By People's Reporter
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