Delhi Seemapuri Building Collapse: सीमापुरी में इमारत का हिस्सा भरभराकर गिरा, 15-20 लोगों के दबे होने की आशंका; 2 बच्चे रेस्क्यू

दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को एक इमारत का हिस्सा अचानक गिरने से हड़कंप मच गया। हादसा मछली मंडी और ईदगाह मस्जिद के पास हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मलबे में बिल्डिंग मालिक के परिवार समेत करीब 15 से 20 लोगों के दबे होने की आशंका है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, मलबे के अंदर अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान लगातार जारी है।
मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। राहत एवं बचाव टीमों ने तुरंत मलबा हटाने का काम शुरू किया। रेस्क्यूकर्मी मलबे के अलग-अलग हिस्सों को सावधानी से हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। मौके की स्थिति को देखते हुए बचाव कार्य बेहद सावधानी से किया जा रहा है, ताकि मलबे के नीचे मौजूद किसी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।
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25 गज की जमीन पर बनी थी चार मंजिला इमारत
जानकारी के मुताबिक, करीब 25 गज की जमीन पर यह इमारत बनी हुई थी। नीचे की मंजिल पर दुकानें थीं, जबकि ऊपर चार मंजिल का मकान बना था। अचानक इमारत के गिरने से पूरा मलबा सड़क और आसपास के इलाके में फैल गया।
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घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे में घायल लोगों को इलाज के लिए राजीव गांधी अस्पताल ले जाया गया है। हालांकि, अभी तक कितने लोग घायल हुए हैं और उनकी हालत कैसी है, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों ने भी बचाव अभियान में मदद की। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए।
जांच के बाद सामने आएगा कारण
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इमारत का हिस्सा अचानक क्यों गिरा? क्या निर्माण में कोई खामी थी, इमारत पुरानी थी या किसी अन्य वजह से यह हादसा हुआ- इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे में प्रभावित लोगों की सही संख्या और इमारत गिरने की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक महीने में दूसरी बड़ी इमारत दुर्घटना
करीब एक महीने पहले दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी के तौर पर इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई थी, जिसमें 7 लोगों की मौत हुई थी। अब एक बार फिर दिल्ली में इमारत गिरने का मामला सामने आया है। अब सीमापुरी में हुए हादसे ने एक बार फिर निर्माण की गुणवत्ता, भवनों की मजबूती और सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में सवाल है कि क्या प्रशासन की ओर से संवेदनशील और पुरानी इमारतों की नियमित जांच की जा रही है?



















