
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में गुरुवार को भी सुबह के समय धुंध और जहरीली हवा से लोगों को राहत नहीं मिली। आज यानी 9 नवंबर को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में बरकरार है। इसी बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने वायु प्रदूषण की समस्या पर चर्चा के लिए सभी मंत्रियों की बैठक बुलाई है। इसके अलावा केजरीवाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली से बाहर रजिस्टर्ड ओला-उबर सहित ऐप बेस्ड दूसरी टैक्सियां की एंट्री पर बैन लगा दिया है। राज्य में सिर्फ दिल्ली रजिस्टर्ड ऐप बेस्ड टैक्सियां ही चलेंगी।
पड़ोसी शहरों में कितना है एक्यूआई
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गुरुवार सुबह आठ बजे 420 दर्ज किया गया, जबकि बुधवार शाम चार बजे यह 426 था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा तैयार एक्यूआई मानचित्र में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कई जगहों पर लाल बिंदू (खतरनाक वायु गुणवत्ता का संकेत) दिखाए गए हैं। दिल्ली के पड़ोसी शहर गाजियाबाद में एक्यूआई 369, गुरुग्राम में 396, नोएडा में 394, ग्रेटर नोएडा में 450 और फरीदाबाद में 413 दर्ज किया गया।
क्लाउड सीडिंग कराने का प्लान
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, दिल्ली सरकार शहर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 20-21 नवंबर के आसपास क्लाउड सीडिंग के माध्यम से कृत्रिम बारिश कराने की कोशिश करेगी। इसके लिए उन्होंने आईआईटी-कानपुर के वैज्ञानिकों के साथ एक बैठक की, जिन्होंने बताया कि क्लाउड सीडिंग का प्रयास केवल तभी किया जा सकता है जब वातावरण में बादल या नमी हो। गोपाल राय ने कहा, हमने वैज्ञानिकों से इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार करने को कहा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में प्रदूषण के मुद्दे पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।
दिल्ली में 5वीं तक के स्कूल 10 नवंबर तक बंद
राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण (Pollution) के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने रविवार (5 नवंबर) को 5वीं कक्षा तक के स्कूलों को 10 नवंबर तक बंद करने का आदेश दिया। रखने का निर्णय लिया। दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने एक्स पर स्कूलों को बंद रखने की जानकारी दी। उन्होंने कहा चूंकि प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ा हुआ है। इसलिए दिल्ली में प्राइमरी स्कूल 10 नवंबर तक बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि कक्षा 6 से 12वीं तक के लिए स्कूलों को ऑनलाइन में शिफ्ट होने का विकल्प दिया जा रहा है।
जानिए एयर क्वालिटी और उसका प्रभाव
- 0-50 गुड न्यूनतम प्रभाव।
- 51-100 सेटिसफेक्टरी संवेदनशील लोगों को सांस लेने में मामूली तकलीफ।
- 101-200 मॉडरेट फेफड़े, दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ।
- 201-300 पुअर ज्यादातर लोगों को लंबे समय तक सांस लेने में तकलीफ।
- 301-400 वेरी-पुअर लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस की बीमारी।
- 401-500 सीवियर स्वस्थ लोगों पर प्रभाव और बीमार वाले लोगों पर गंभीर रूप से प्रभाव।
ये भी पढ़ें- Firecrackers Ban : पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, सिर्फ दिल्ली-NCR नहीं पूरे देश में लगे बैन…