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दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली : सांस लेना दूभर… WHO की लिमिट से कई गुना ज्यादा प्रदूषण, केजरीवाल सरकार ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर की एयर क्वालिटी क्रिटिकल यानी सबसे खतरनाक हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी और आस-पास के इलाकों में बढ़ते प्रदूषण की वजह से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। दिल्ली में सोमवार (6 नवंबर) को ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 470 दर्ज किया गया, जो WHO (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) की पॉल्यूशन की लिमिट से 20 गुना ज्यादा है। इस बीच आज दिल्ली सरकार ने आज हाई लेवल मीटिंग बुलाई है।

दिल्ली में छाई जहरीली धुंध

दिल्ली में पिछले 6 दिन से AQI 450 से ऊपर दर्ज किया जा रहा है।  केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 6 नवंबर को 400 के पार दर्ज किया गया है। वहीं आरके पुरम इलाके में AQI 466, आईटीओ में AQI 402, प्रतापगढ़ में 471 और मोती बाग में AQI 488 रिकॉर्ड किया गया है।

जहरीले धुंध के कोहराम ने लोगों का सांस लेना मुश्किल कर दिया है। लोगों को गले में खराश, आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानियां हो रही हैं। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के पूर्वानुमान के मुताबिक, अभी अगले दो दिन औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 तक ही रहने की संभावना है।

दिल्ली-NCR में GRAP-4 लागू

प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण लागू कर दिया है। इसके तहत कॉमर्शियल गाड़ियों की एंट्री पर रोक लग गई है। सब्जी, फल, दवा जैसे जरूरी सामान की आपूर्ति करने वाले, CNG और इलेक्ट्रिक ट्रकों को छोड़कर बाकी ट्रकों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। दिल्ली सरकार की हाई लेवल मीटिंग में खराब एयर क्वालिटी और GRAP-IV को सख्ती से लागू करने का प्लान तैयार होगा। दिल्ली में GRAP-IV लागू होने के साथ ही GRAP-I, II और III के नियम भी लागू रहेंगे।

GRAP को चार कैटेगरी में लागू किया जाता है-

  • स्टेज 1- ‘खराब’ (AQI का स्तर 201 से 300 के बीच)
  • स्टेज 2- ‘बेहद खराब’ (AQI का स्तर 301 से 400 के बीच)
  • स्टेज 3- ‘गंभीर’ (AQI का स्तर 401 से 450 के बीच)
  • स्टेज 4- ‘अत्यंत गंभीर’ (AQI का स्तर 450 के ऊपर)

क्यों बढ़ रहा प्रदूषण

दिल्ली-एनसीआर के आसपास के इलाकों के साथ उत्तर भारत के कई शहरों का हाल भी ऐसा ही है। दिल्ली सरकार इस स्मॉग और खतरनाक हाल के लिए हरियाणा में जलाई जा रही पराली को जिम्मेदार बता रही है। पड़ोसी राज्य हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कई शहरों में वायु गुणवत्ता खतरनाक श्रेणी में पहुंचने की सूचना है। पास के गाजियाबाद (413), गुरुग्राम (369), नोएडा (403), ग्रेटर नोएडा (396) और फरीदाबाद (426) में भी वायु गुणवत्ता सुबह सात बजे खतरनाक श्रेणी में दर्ज की गई।

वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन, धान की पराली जलाने, पटाखों और अन्य स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के साथ मौसम संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियां हर साल सर्दियों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में खतरनाक वायु गुणवत्ता स्तर में योगदान करती हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के अनुसार, रविवार को उत्तर भारत से खेतों में पराली जलाने की कुल 4,160 घटनाएं हुईं – जो इस मौसम में अब तक की सबसे अधिक हैं। पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले पंजाब में पराली जलाने की 3,230 घटनाएं दर्ज की गईं, जो इस मौसम में अब तक एक दिन में राज्य में सबसे ज्यादा है।

50% कर्मचारियों को मिल सकता है वर्क फ्रॉम

दिल्ली सरकार की हाई लेवल मीटिंग में ऑफिस वर्कर्स को वर्क फ्रॉम होम की मंजूरी मिल सकती है। जहरीली हवा को लेकर कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट CAQM ने दिल्ली-एनसीआर की राज्य सरकारों को सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में 50% कर्मचारियों को बुलाने की अपील की है। बाकी 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की सलाह दी है।

दिल्ली में 5वीं तक के स्कूल 10 नवंबर तक बंद

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण (Pollution) के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने रविवार (5 नवंबर) को 5वीं कक्षा तक के स्कूलों को 10 नवंबर तक बंद करने का आदेश दिया। रखने का निर्णय लिया। दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने एक्स पर स्कूलों को बंद रखने की जानकारी दी। उन्होंने कहा चूंकि प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ा हुआ है। इसलिए दिल्ली में प्राइमरी स्कूल 10 नवंबर तक बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि कक्षा 6 से 12वीं तक के लिए स्कूलों को ऑनलाइन में शिफ्ट होने का विकल्प दिया जा रहा है।

जानिए एयर क्वालिटी और उसका प्रभाव

  • 0-50 गुड न्यूनतम प्रभाव।
  • 51-100 सेटिसफेक्टरी संवेदनशील लोगों को सांस लेने में मामूली तकलीफ।
  • 101-200 मॉडरेट फेफड़े, दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ।
  • 201-300 पुअर ज्यादातर लोगों को लंबे समय तक सांस लेने में तकलीफ।
  • 301-400 वेरी-पुअर लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस की बीमारी।
  • 401-500 सीवियर स्वस्थ लोगों पर प्रभाव और बीमार वाले लोगों पर गंभीर रूप से प्रभाव।

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