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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर ढही सुरंग : एक मजदूर की मौत, 3 की हालत गंभीर; जांच के लिए NHAI ने बनाई कमेटी

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर ढही सुरंग : एक मजदूर की मौत, 3 की हालत गंभीर; जांच के लिए NHAI ने बनाई कमेटी
कोटा। राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर निर्माणाधीन सुरंग का हिस्सा ढह गया है। हादसे में मलबे में दबने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए कोटा शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने जांच के लिए कमेटी का गठन किया है।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, हादसा शनिवार रात करीब 12 बजे रामगंजमंडी के मोड़क इलाके में बन रही टनल में हुआ। हादसे के समय मजदूर सुरंग में काम कर रहे थे। मजदूरों ने बताया कि 10-15 लोग ड्रिलिंग का काम कर रहे थे, तभी अचानक ऊपर से पत्थर और मिट्टी ढह गई। घटना में चार मजदूर मलबे में दब गए, जबकि अन्य मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। मलबे का ढेर करीब पांच फीट ऊंचा था। हादसे में टनल ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करवाया जा रहा था। हादसे में शमशेर सिंह रावत (33) पुत्र लछम सिंह निवासी कोथी, देहरादून (उत्तराखंड) की मौत हो गई।

NHAI ने जांच के लिए बनाई कमेटी

NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल के मुताबिक, हादसा टनल के बाहर के हिस्से में हुआ है। यह घटना टनल से करीब 200 मीटर पहले हुई, जहां आर्टिफिशियल टनल (कट एंड कवर) का निर्माण चल रहा था। यह टनल पूरी तरह से सीमेंट-कंक्रीट से बनाई जा रही है। हादसे के समय मजदूर सीमेंट-कंक्रीट के लिए सरिया बांधने का काम कर रहे थे। NHAI मुख्यालय ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी पूरी सेफ्टी ऑडिट करेगी, जिसमें टनल विशेषज्ञ शामिल होंगे। साथ ही टनल निर्माण में ठेकेदार की ओर से सेफ्टी के संबंध में हुई कमियों का भी आकलन किया जाएगा। घटना की हर एंगल से जांच की जाएगी।

1200 करोड़ रुपए की लागत से बन रही सुरंग

एनएचएआई के एईएन राकेश मीणा ने बताया कि, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मुकुंदरा टाइगर रिजर्व (दरा) के पास की पहाड़ियों के नीचे 4.9 किमी लंबी 8 लेन की टनल बनाई जा रही है। इस टनल के ऊपर से वन्यजीव, विशेष रूप से बाघ गुजर सकेंगे, जबकि नीचे से वाहन चलेंगे। यह टनल साउंडप्रूफ होगी यानी इससे गुजरने वाली गाड़ियों का शोर बाहर नहीं आएगा। जिससे वन्यजीवों को कोई परेशानी नहीं होगी। यह परियोजना ऑस्ट्रेलिया की नवीनतम तकनीक से बनाई जा रही है, जिसमें सेंसर लगाए जाएंगे जो वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखेंगे। जिसके निर्माण में लगभग 1200 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसे 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सुरंग की कुल लंबाई 4.9 किमी होगी, जिसमें 3.3 किमी का हिस्सा पहाड़ के नीचे और 1.6 किमी का हिस्सा सीमेंट से तैयार बाहरी सुरंग का होगा। पहाड़ के नीचे दो समानांतर टनल बनाई जा रही हैं। एक टनल वाहनों के आने और दूसरी जाने के लिए होगी। प्रत्येक टनल चार-चार लेन की होगी। यह टनल टाइगर रिजर्व से 500 मीटर पहले शुरू होगी और पहाड़ के नीचे से गुजरते हुए निकलेगी। इस सुरंग के निर्माण में लगभग 1200 करोड़ रुपए की लागत आएगी और इसे 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ये भी पढ़ें- हिंसा की जांच के लिए संभल पहुंचा न्यायिक आयोग, जामा मस्जिद का किया निरीक्षण 
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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