
नई दिल्ली। दीवाली खत्म हुए एक हफ्ता हो गया है लेकिन दिल्ली की हवा जहरीली बनी हुई है। कई दिनों से राजधानी में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ है। अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से ही दिल्ली एनसीआर गैस चैंबर बनी हुई है। दिल्ली के कई हिस्सों में धुंध की मोटी परत छाई हुई है। कुछ जगहों पर AQI 400 के पार पहुंच गया है। प्रदूषण के मामले में राजधानी सबसे प्रदूषित 10 शहरों में पहले नंबर पर आ गई है।
दिल्ली के इलाकों की एयर क्वालिटी
डेटा के मुताबिक आनंद विहार का एक्यूआई गुरुवार सुबह 425 बना हुआ है जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।
दिल्ली का इलाका | AQI @ 7.00AM | कौन सा ‘जहर‘ | कितना औसत |
मुंडका | 419 | PM 10 लेवल हाई | 404 |
वजीरपुर | 428 | PM 10 लेवल हाई | 424 |
जहांगीरपुरी | 431 | PM 10 लेवल हाई | 413 |
आरके पुरम | 378 | PM 2.5 का लेवल हाई | 378 |
ओखला | 368 | PM 2.5 लेवल हाई | 368 |
बवाना | 409 | PM 2.5 का लेवल हाई | 409 |
विवेक विहार | 408 | PM 2.5 लेवल हाई | 408 |
नरेला | 382 | PM 2.5 लेवल हाई | 382 |
अशोक विहार | 417 | PM 2.5 का लेवल हाई | 417 |
द्वारका | 378 | PM 2.5 लेवल हाई | 378 |
पंजाबी बाग | 388 | PM 2.5 का लेवल हाई | 388 |
रोहिणी | 404 | PM 2.5 लेवल हाई | 404 |
नोएडा में AQI
- सेक्टर – 125: 246
- सेक्टर – 62: 309
- सेक्टर-1: 218
- सेक्टर-116: 320
दिल्ली में बैन के बावजूद जमकर हुई आतिशबाजी
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने 1 जनवरी 2025 तक पटाखों को बैन किया था। पटाखे बनाने, उन्हें स्टोर करने, बेचने और इस्तेमाल पर रोक लगाई गई थी। इसके साथ ही इनकी ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक लगाई गई थी, फिर भी आतिशबाजी हुई।
राजधानी दिल्ली में सर्दियों के समय हर बार प्रदूषण बढ़ जाता है। राजधानी में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सरकार की तरफ से प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए अलग-अलग उपाय किए जाते हैं। ऐसे में दिवाली के समय पटाखों की खरीद-बिक्री पर रोक भी एक उपाय होता है। इसके बावजूद दीवाली के दिन लोग पटाखे फोड़ने से बाज नहीं आते हैं। पिछले साल भी बैन के बावजूद दिवाली के दिन खूब पटाखे फोड़े गए थे।
जानिए एयर क्वालिटी और उसका प्रभाव
- 0-50 गुड न्यूनतम प्रभाव।
- 51-100 सेटिसफेक्टरी संवेदनशील लोगों को सांस लेने में मामूली तकलीफ।
- 101-200 मॉडरेट फेफड़े, दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ।
- 201-300 पुअर ज्यादातर लोगों को लंबे समय तक सांस लेने में तकलीफ।
- 301-400 वेरी-पुअर लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस की बीमारी।
- 401-500 सीवियर स्वस्थ लोगों पर प्रभाव और बीमार वाले लोगों पर गंभीर रूप से प्रभाव।