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Delhi Pollution : दिल्ली-NCR की हवा फिर हुई ‘जहरीली’, सांस लेने में हो रही तकलीफ; 29 इलाकों में 400 के पार पहुंचा AQI

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से हवा जहरीली हो गई है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में 400 पार AQI है। AQI का यह लेवल हवा की बहुत खराब श्रेणी को दिखाता है। एक तरफ प्रदूषण है तो वहीं दूसरी तरफ हल्के कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम हो गई। वहीं प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने सोमवार रात से ही दिल्ली-एनसीआर में गंभीर हालात को देखते हुए GRAP 4 लागू कर दिया गया है।

दिल्ली के इलाकों का AQI

दिल्ली के इलाके AQI
अलीपुर 449
आनंद विहार 465
अशोक विहार 456
आया नगर 353
बवाना 465
बुराड़ी 447
मथुरा रोड 429
DTU 447
डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज 401
द्वारका सेक्टर-8 427
दिलशाद गार्डन 316
आईटीओ 434
जहांगीरपुरी 466
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 412
लोधी रोड IITM 310
लोधी रोड IMD 361
मेजर ध्यान चंद स्टेडियम 426
मंदिर मार्ग 412
मुंडका 432
द्वारका एनएसआईटी 288
नजफगढ़ 357
नरेला 441
नेहरू नगर 461
नॉर्थ कैंपस 431
ओखला फेस-2 433
पटपड़गंज 444
पंजाबी बाग 452
पूसा DPCC 419
पूसा IMD 417
आरके पुरम 427
रोहिणी 462
शादीपुर 420
सिरीफोर्ट 390
सोनिया विहार 445
अरबिंदो मार्ग 376
विवेक विहार 458
वजीरपुर 449

NCR में भी बिगड़ने लगी हवा

  • ग्रेटर नोएडा- 396
  • गाजियाबाद- 376
  • नोएडा- 380
  • गुरुग्राम- 313
  • फरीदाबाद-260

GRAP-4 के तहत पाबंदियां

कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चौथे फेज को लागू कर दिया है।

  • दिल्ली में ट्रकों की एंट्री बैन रहेगी। जरूरी सामान ले जाने वाले/जरूरी सेवाएं प्रदान करने वाले ट्रकों पर प्रतिबंध नहीं। सभी LNG/CNG, इलेक्ट्रिक और बीएस-VI डीजल ट्रकों को एंट्री मिलेगी।
  • ईवीएस/सीएनजी/बीएस-VI डीजल के अलावा दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड लाइट कमर्शियल व्हीकल (जरूरी सामान या सर्विस में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों को छोड़कर) को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं।
  • दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-IV और उससे नीचे के डीजल से चलने वाले मीडियम गुड्स व्हीकल (एमजीवी) और हैवी गुड्स व्हीकल (एचजीवीएस) पर प्रतिबंध होगा। हालांकि, इससे जरूरी सामान या सर्विस में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों को छूट दी गई है।
  • ग्रैप-3 की तरह ही हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पावर ट्रांसमिशन, पाइपलाइन, टेली कम्युनिकेशन जैसे पब्लिक प्रोजेक्ट के लिए भी कंस्ट्रक्शन और डेवलपमेंट गतिविधियों पर प्रतिबंध।
  • NCR की राज्य सरकारें और GNCTD क्लास छठी से 9वीं और 11वीं के लिए फिजिकल क्लासेस बंद करने और ऑनलाइन मोड में क्लास लगाने का फैसला ले सकती हैं।
  • एनसीआर की राज्य सरकारें/GNCTD सार्वजनिक, नगरपालिका और निजी दफ्तरों को 50% क्षमता पर काम करने और बाकी को घर से काम करने की अनुमति देने पर फैसला लिया जा सकता है।
  • केंद्र सरकार के दफ्तरों में कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देने पर फैसला लिया जा सकता है।
  • राज्य सरकारें अतिरिक्त आपातकालीन उपायों पर विचार कर सकती हैं। जैसे कॉलेज/शैक्षणिक संस्थानों को बंद करना, गैर-आपातकालीन कमर्शियल एक्टिविटी को बंद करना, रिजस्टर्ड संख्या के आधार पर वाहनों को ऑड-ईवन के आधार पर चलाने की अनुमति देना।
  • बच्चों, हार्ट और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्गों, दिमाग से जुड़े या किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे लोगों को बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा सकती है।

क्या होता है ग्रैप-4?

ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) दिल्ली-NCR में बिगड़ते वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए तैयार किए गए उपायों का एक समूह है। राजधानी में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए GRAP को 4 कैटेगरी में बांटा गया है।

  • GRAP-1: खराब (AQI 201-300)
  • GRAP-2: बहुत खराब (AQI 301-400‌)
  • GRAP-3: गंभीर (AQI 401 से 450)
  • GRAP-4: बहुत गंभीर (AQI 450 से ज्यादा)

जानिए एयर क्वालिटी और उसका प्रभाव

  • 0-50 गुड न्यूनतम प्रभाव।
  • 51-100 सेटिसफेक्टरी संवेदनशील लोगों को सांस लेने में मामूली तकलीफ।
  • 101-200 मॉडरेट फेफड़े, दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ।
  • 201-300 पुअर ज्यादातर लोगों को लंबे समय तक सांस लेने में तकलीफ।
  • 301-400 वेरी-पुअर लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस की बीमारी।
  • 401-500 सीवियर स्वस्थ लोगों पर प्रभाव और बीमार वाले लोगों पर गंभीर रूप से प्रभाव।

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