
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण 2 दिन बाद फिर गंभीर कैटेगरी के करीब पहुंच गया है। मंगलवार सुबह दिल्ली के 18 इलाकों में AQI 400 के पार रिकॉर्ड की गई। आनंद विहार में हवा सबसे ज्यादा जहरीली है। यहां AQI 436 रिकॉर्ड किया गया। राष्ट्रीय राजधानी में कई इलाकों में लगातार धुंध की परत देखने को मिल रही है। जबकि सोमवार को सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 279 (खराब श्रेणी) था। लेकिन आज सुबह 7 बजे कई स्टेशन गंभीर (400+) श्रेणी में हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 18 नवंबर से 12वीं तक के स्कूलों की ऑनलाइन क्लासेस कर दी गई थी। अब एक हफ्ते बाद स्कूल खोलने का फैसला किया गया है। 12वीं तक के सभी स्कूल अब हाइब्रिड मोड में चल सकेंगे।
कई जगहों का AQI 400 के पार
- अलीपुर-415
- आनंद विहार- 436
- अशोक विहार- 419
- बवाना- 424
- करणी सिंह स्टेडियम- 403
- जहांगीरपुरी- 421
- इंडिया गेट- 412
- मंदिर मार्ग- 409
- मुंडका- 440
- नरेला- 413
- लाजपत नगर – 419
- पटपड़गंज- 409
- पंजाबी बाग- 412
- रोहिणी-432
- शादीपुर- 422
- सोनिया विहार- 424
- विवेक विहार- 430
- वजीरपुर- 422
GRAP-4 में क्या रहेंगी पाबंदियां
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए 18 नवंबर 2024 की सुबह 8 बजे से दिल्ली-NCR में बदले हुआ ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के चौथे फेज को लागू कर दिया है।
- दिल्ली में ट्रकों की एंट्री बैन रहेगी। जरूरी सामान ले जाने वाले/जरूरी सेवाएं प्रदान करने वाले ट्रकों पर प्रतिबंध नहीं। सभी LNG/CNG, इलेक्ट्रिक और बीएस-VI डीजल ट्रकों को एंट्री मिलेगी।
- ईवीएस/सीएनजी/बीएस-VI डीजल के अलावा दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड लाइट कमर्शियल व्हीकल (जरूरी सामान या सर्विस में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों को छोड़कर) को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं।
- दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-IV और उससे नीचे के डीजल से चलने वाले मीडियम गुड्स व्हीकल (एमजीवी) और हैवी गुड्स व्हीकल (एचजीवीएस) पर प्रतिबंध होगा। हालांकि, इससे जरूरी सामान या सर्विस में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों को छूट दी गई है।
- ग्रैप-3 की तरह ही हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पावर ट्रांसमिशन, पाइपलाइन, टेली कम्युनिकेशन जैसे पब्लिक प्रोजेक्ट के लिए भी कंस्ट्रक्शन और डेवलपमेंट गतिविधियों पर प्रतिबंध।
- NCR की राज्य सरकारें और GNCTD क्लास छठी से 9वीं और 11वीं के लिए फिजिकल क्लासेस बंद करने और ऑनलाइन मोड में क्लास लगाने का फैसला ले सकती हैं।
- एनसीआर की राज्य सरकारें/GNCTD सार्वजनिक, नगरपालिका और निजी दफ्तरों को 50% क्षमता पर काम करने और बाकी को घर से काम करने की अनुमति देने पर फैसला लिया जा सकता है।
- केंद्र सरकार के दफ्तरों में कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देने पर फैसला लिया जा सकता है।
- राज्य सरकारें अतिरिक्त आपातकालीन उपायों पर विचार कर सकती हैं। जैसे कॉलेज/शैक्षणिक संस्थानों को बंद करना, गैर-आपातकालीन कमर्शियल एक्टिविटी को बंद करना, रिजस्टर्ड संख्या के आधार पर वाहनों को ऑड-ईवन के आधार पर चलाने की अनुमति देना।
- बच्चों, हार्ट और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्गों, दिमाग से जुड़े या किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे लोगों को बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा सकती है।
क्या होता है ग्रैप-4?
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) दिल्ली-NCR में बिगड़ते वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए तैयार किए गए उपायों का एक समूह है। राजधानी में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए GRAP को 4 कैटेगरी में बांटा गया है।
- GRAP-1: खराब (AQI 201-300)
- GRAP-2: बहुत खराब (AQI 301-400)
- GRAP-3: गंभीर (AQI 401 से 450)
- GRAP-4: बहुत गंभीर (AQI 450 से ज्यादा)
जानिए एयर क्वालिटी और उसका प्रभाव
- 0-50 गुड न्यूनतम प्रभाव।
- 51-100 सेटिसफेक्टरी संवेदनशील लोगों को सांस लेने में मामूली तकलीफ।
- 101-200 मॉडरेट फेफड़े, दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ।
- 201-300 पुअर ज्यादातर लोगों को लंबे समय तक सांस लेने में तकलीफ।
- 301-400 वेरी-पुअर लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस की बीमारी।
- 401-500 सीवियर स्वस्थ लोगों पर प्रभाव और बीमार वाले लोगों पर गंभीर रूप से प्रभाव।