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Delhi Air Pollution: दिल्ली में प्रदूषण से राहत नहीं, छाई धुंध की परत, AQI बहुत खराब

नई दिल्ली। दीपावली की रात से लगातार तेज हवा चलने के बावजूद दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट पहले से ज्यादा गंभीर हो गया। रविवार सुबह धुंध छाई रही और वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सुबह 9 बजे 369 दर्ज किया गया, जो शनिवार को दर्ज किए गए एक्यूआई 290 से काफी अधिक है। कुछ निगरानी केंद्रों में एक्यूआई 400 से अधिक दर्ज किया गया जो कि ‘गंभीर’ श्रेणी को दिखाता है। अब सुबह के समय घर से बाहर निकलने वालों को ठंड का अहसास होने लगा है।

कई इलाकों में AQI 400 के पार

सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों में दिखाया गया कि 38 निगरानी केंद्रों में से आठ केंद्र आनंद विहार, वजीरपुर, रोहिणी, पंजाबी बाग, नेहरू मार्ग, मुंडका, जहांगीरपुरी और अशोक विहार में एक्यूआई 400 से अधिक रहा। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बेहद खराब’, 401 से 450 के बीच ‘गंभीर’ और 450 से ऊपर एक्यूआई को ‘बेहद गंभीर’ माना जाता है।

तापमान को लेकर IMD का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.2 डिग्री कम है। सुबह साढ़े आठ बजे आर्द्रता का स्तर 94 प्रतिशत रहा। आईएमडी ने दिन में आसमान साफ ​​रहने तथा अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है।

बैन के बावजूद जमकर हुई आतिशबाजी

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने 1 जनवरी 2025 तक पटाखों को बैन किया था। पटाखे बनाने, उन्हें स्टोर करने, बेचने और इस्तेमाल पर रोक लगाई गई थी। इसके साथ ही इनकी ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक लगाई गई थी, फिर भी आतिशबाजी हुई।

राजधानी दिल्ली में सर्दियों के समय हर बार प्रदूषण बढ़ जाता है। राजधानी में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सरकार की तरफ से प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए अलग-अलग उपाय किए जाते हैं। ऐसे में दिवाली के समय पटाखों की खरीद-बिक्री पर रोक भी एक उपाय होता है। इसके बावजूद दीवाली के दिन लोग पटाखे फोड़ने से बाज नहीं आते हैं। पिछले साल भी बैन के बावजूद दिवाली के दिन खूब पटाखे फोड़े गए थे।

जानिए एयर क्वालिटी और उसका प्रभाव

  • 0-50 गुड न्यूनतम प्रभाव।
  • 51-100 सेटिसफेक्टरी संवेदनशील लोगों को सांस लेने में मामूली तकलीफ।
  • 101-200 मॉडरेट फेफड़े, दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सांस लेने में तकलीफ।
  • 201-300 पुअर ज्यादातर लोगों को लंबे समय तक सांस लेने में तकलीफ।
  • 301-400 वेरी-पुअर लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस की बीमारी।
  • 401-500 सीवियर स्वस्थ लोगों पर प्रभाव और बीमार वाले लोगों पर गंभीर रूप से प्रभाव।

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