
जबलपुर। SDM निशा बांगरे के खिलाफ लंबित विभागीय जांच और उनके इस्तीफे पर सरकार सोमवार तक फैसला ले लेगी। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमठ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ के सामने सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से यह अंडरटेकिंग दे दी गई। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दशहरा अवकाश के बाद तय की है।
यह है मामला
छतरपुर के लवकुश नगर में SDM के पद पर पदस्थ निशा बांगरे ने 22 जून 2023 को सामान्य प्रशासन विभाग को अपना इस्तीफा भेज दिया था। इस्तीफे पर सरकार की ओर से कोई फैसला न लिए जाने पर उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी। इस मामले में याचिका दायर कर उऩ्होंने जीएडी द्वारा 24 जनवरी 1973 को पारित मेमो के तहत इस्तीफे पर तत्काल निर्णय लेने के आदेश सरकार को देने की मांग की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 30 दिन के अंदर इस्तीफे पर निर्णय लेने के आदेश दिए थे।
30 दिन में फैसला न लेने पर दोबारा दाखिल की याचिका
जब 30 दिन गुजर गए और सरकार ने निर्णय नहीं लिया तो निशा दोबारा हाईकोर्ट की शरण में पहुंचीं। जिसमें कहा गया था कि सरकार ने विभागीय जांच के लिए उन्हें नोटिस जारी किया है। मामले में बताया गया था कि विभागीय आरोपों को याचिकाकर्ता ने स्वीकार कर लिए हैं। इसके बाद भी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जा रहा है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 10 दिनों में इस्तीफे पर निर्णय लेने के आदेश दिए थे।
सरकार ने दायर की थी अपील
इस मामले में सरकार ने हाईकोर्ट की एकलपीठ के फैसले के खिलाफ अपील दायर कर दी थी। इसमें कहा गया था कि विभागीय जांच की औपचारिकताएं दस दिनों में पूरी नहीं हो सकतीं। इस मामले में निशा बांगरे की ओर से कहा गया था कि उनके खिलाफ कोई गंभीर आरोप नहीं हैं और सिर्फ छुट्टी के दुरुपयोग का आरोप है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। ऐसे में विभागीय जांच लंबित रहने के दौरान इस्तीफा मंजूर किया जा सकता है। कोर्ट ने सरकार को विभागीय जांच पूरी कर इस्तीफे पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निराकरण के निर्देश
डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने इस्तीफा मंजूर न होने पर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। सर्वेच्च न्यायालय ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट में आवेदन पेश करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही हाईकोर्ट से कहा था कि वे इसका जल्द निराकरण करे। इसके बाद याचिकाकर्ता निशा बांगरे की तरफ से पेश आवेदन पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। निशा के वकील वरुण तन्खा ने बताया कि सुनवाई के दौरान सरकार ने अंडरटेकिंग दी है, जिसमें कहा गया कि डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ लंबित विभागीय जांच और इस्तीफे के संबंध में सरकार सोमवार शाम तक निर्णय ले लेगी। इसके बाद युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई दशहरा अवकाश के बाद निर्धारित की है।
आमला से लड़ सकती हैं चुनाव
कांग्रेस ने आमला सीट को छोड़कर बाकी सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। निशा बांगरे के इस्तीफे के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी आमला से उन्हें चुनाव मैदान में उतार सकती है। यही वजह है कि सरकार के फैसले का निशा बांगरे के साथ ही कांग्रेस पार्टी को भी इंतजार है। गौरतलब है कि विगत दिनों भोपाल में एक प्रदर्शन के बाद निशा बांगरे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जहां से अगले दिन उन्हें छोड़ा गया था।