
नई दिल्ली। लेफ्टिनेंट इनायत वत्स ने 21 साल पहले अपने पिता मेजर नवनीत वत्स को खो दिया था। अब वह भारतीय सेना में शामिल हो गईं। इनायत ने वही वर्दी पहनी, जो उनके पिता ने पहनी थी। साल 2003 में कश्मीर आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के दौरान मेजर नवनीत वत्स शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत सेना पदक से सम्मानित किया गया। उस वक्त इनायत सिर्फ 3 साल की थीं।
बहादुर की बेटी है इनायत: इनायत की मां शिवानी ने भावुक होते हुए कहा कि इनायद बहादुर की बेटी है। वह एक शहीद की बेटी है और उसके लिए सेना में शामिल होना स्वाभाविक था।
हरियाणा के पंचकुला में जन्मी में हैं इनायत वत्स
हरियाणा के पंचकुला में जन्मी इनायत वत्स ने पिछले साल अप्रैल में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए), चेन्नई में शिरकत की थी। दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएट इनायत ने डीयू के हिंदू कॉलेज से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। शहीद के परिजनों को लेकर हरियाणा सरकार की पॉलिसी के तहत उन्हें उच्च अधिकारी का पद ऑफर हुआ था, लेकिन वह पिता के नक्शेकदम पर चलीं।