
दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में गुरुवार तड़के किले की दीवार ढहने से 9 लोग मलबे में दब गए। पड़ोसियों ने मलबे में से दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने 3 शव निकाल लिए हैं, जबकि अन्य लोगों के बचाव के लिए ऑपरेशन चल रहा है। मलबे में दबे तीन बच्चों समेत 4 लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है। मौके पर कलेक्टर संदीप मकीन, एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्रा, कोतवाली टीआई धीरेंद्र मिश्रा और एसडीईआरएफ की टीम मौजूद है।
कैसे हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि, दतिया में लगातार हो रही बारिश की वजह से खलकापुरा में पुराने फिल्टर के पास किले की दीवार कुछ मकानों पर गिर गई। राजगढ़ किले के नीचे के हिस्से वाली 4 सौ साल पुरानी दीवार ढहने से 9 लोग दब गए।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार (12 सितंबर) सुबह करीब साढ़े 3 बजे बहुत तेज आवाज सुनाई दी। लोग बाहर निकले तो देखा किले की दीवार गिर गई है। दो लोगों को तत्काल बाहर निकालकर हॉस्पिटल भेजा गया। लोगों ने डॉयल 100 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिसकर्मी भी पहुंच गए और लोगों को निकालने में मदद करने लगे।
स्थानीय लोगों ने किया हंगामा
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सुबह 8 बजे हंगामा कर दिया। उन्होंने रेस्क्यू की गति धीमी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि, मलबा हटाने में लापरवाही बरती जा रही है। लोगों का कहना है कि, सुबह 4 बजे से मलबा हटाया जा रहा है, लेकिन रेस्क्यू टीम किसी को बाहर नहीं निकाल पा रहे। वहीं मौके पर पहुंते कलेक्टर संदीप मकीन, एसपी वीरेंद्र मिश्रा, टीआई धीरेंद्र मिश्रा ने लोगों को समझाइश देकर शांत कराया। एसडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुटी है।
मलबे में दबे परिवार के लोग
निरंजन का परिवार
- निरंजन बंशकर (55) – मलबे में दबा
- ममता पत्नी निरंजन- मलबे में दबी
- राधा पिता निरंजन- मलबे में दबी
- सूरज पिता निरंजन (19)- मौत
- शिवम पिता निरंजन (22)- मौत
किशन का परिवार
- किशन पिता पन्ना लाल, रंजन का जीजा निवासी ग्वालियर- मलबे में दबा
- प्रभा पत्नी किशन बंशकार, निरंजन की बहन- मलबे में दबी
मुन्ना का परिवार
- मुन्ना पिता खित्ते वंशकार- अस्पताल में भर्ती
- आकाश पिता मुन्ना वंशकार- अस्पताल में भर्ती
4 सौ साल पुरानी थी किले की दीवार
जानकारी के मुताबिक, यह दीवार करीब 400 साल पुरानी है। इसका निर्माण तत्कालीन राजा इंद्रजीत ने सन 1629 में करवाया था। इसे दीवार शहर पन्हा के नाम से जानते हैं। दतिया एक छोटी सी रियासत थी। इसलिए डर था कि आसपास के राज्य आक्रमण कर सकते हैं। सुरक्षा कारणों से दीवार का निर्माण कराया गया था। इसमें चार गेट और सात खिड़कियां थीं। दीवार पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था। इस दीवार को तोड़कर रिंग रोड बनाने का काम भी चल रहा है।
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