
देशभर में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। खासकर कि महानगरों में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, लोग लापरवाही दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं। एक तरफ लोगों ने घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनना बंद कर दिया है तो वहीं, दूसरी ओर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ऐसा लग रहा है कि वे मान चुके हैं कि कोरोना खत्म हो गया है। इसी कारण से कोरोना के मामलों में इजाफा हो रहा है।
वैक्सीनेशन से बच रहे लोग
कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन रामबाण औषधी है। शुरूआत में तो लोगों ने वैक्सीन लगाने में दिलचस्पी दिखाई लेकिन, अब कई लोग लापरवाही दिखाने में लगे हैं। जिससे वैक्सीन लगाने का लक्ष्य अटक गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वंचित लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए तलाश रही है, लेकिन ये लोग अमले की भनक लगते ही गायब हो रहे हैं। जिससे विभागीय अमले की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
लापरवाही से बिगड़ सकते हैं हालात!
डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना संक्रमण की स्थिति अभी नियंत्रण में है। लेकिन, लापरवाही से हालात काफी बिगड़ सकते हैं। अस्पताल में मरीजों की प्रतिदिन बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन गई है। डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। जिससे हम व्यापक स्तर पर संक्रमण को फैलने से रोक सकते हैं।
क्या अभी चौथी लहर का खतरा है ?
डॉक्टर्स के मुताबिक, कोरोना के पिछले दो साल के इतिहास में कभी नहीं देखा गया कि एक लहर के खत्म होने के महीने भर के अंदर दूसरी लहर आ जाए। ऐसा होगा भी नहीं, अगर जुलाई के दौरान ये केस बढ़ते तो हम मान सकते थे कि कोई नई लहर आएगी। लेकिन, फिलहाल ऐसा नहीं होगा। इसका कारण ये है कि लोगों में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी है और वैक्सीनेशन भी तेजी से चल रहा है।