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दोधन डैम को लागत से एक हजार करोड़ कम में बनाने कंपनी तैयार

लेकिन, 5 माह पहले खुले टेंडर को केंद्र सरकार से नहीं मिली मंजूरी
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दोधन डैम को लागत से एक हजार करोड़ कम में बनाने कंपनी तैयार

अशोक गौतम-भोपाल। केन-बेतवा लिंक परियोजना में दोधन डैम बनाने के लिए जारी बिड वैलिडिटी 30 नवम्बर के बाद समाप्त हो जाएगी। लेकिन, जल शक्ति मंत्रालय ने अभी तक निर्माण एजेंसी को हरी झंडी नहीं दी है। 20 जून को कम दर पर बांध निर्माण करने वाली एजेंसी एनसीसी (नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी ) को फाइनेंशियल बिड के लिए अनुमोदन करने लिए केंद्र के पास प्रस्ताव भेजा गया था। इस कंपनी ने पांच हजार करोड़ की लागत की जगह बांध 4 हजार करोड़ रुपए में बनाने का प्रस्ताव दिया है। 23 दिन के अंदर अगर कंपनी को निर्माण के संबंध में आदेश नहीं मिला तो बांध निर्माण की लागत और बढ़ सकती है।

केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 13 जिलों के करीब 62 लाख किसानों को सिंचाई और पीने का पानी समय पर उपलब्ध कराने में अड़चनें आ रही हैं। परियोजना का शिलान्यास अब तक नहीं हो सका है। अगर दो साल पहले वर्ष 2022 में बांध निर्माण के लिए एजेंसी तय कर आदेश जारी होते तो 2027 यानी 6 वर्ष बाद लोगों के खेतों तक पानी पहुंचा दिया जाता। अब 2025 में अगर निर्माण के लिए आदेश जारी होते हैं तो 2031 में परियोजना पूरी हो सकेगी।

केन-बेतवा लिंक परियोजना की कुल लागत 44,605 करोड़ रुपए से अधिक की है। केन-बेतवा के संबंध में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच अनुबंध वर्ष 2005 में हुआ था। डीपीआर और तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों राज्यों के बीच वर्ष 2021 में समझौता हुआ। इसमें पर्यावरण स्वीकृति मिल चुकी है और 900 हेक्टेयर भूमि भी अधिग्रहण हो चुकी है। दूसरे चरण की स्वीकृति के संबंध में सारी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं।

4.47 लाख हेक्टेयर में हो सकेगी सिंचाई

केन बेसिन में 4.47 लाख हेक्टेयर मप्र का तथा 2.27 लाख हेक्टेयर उत्तरप्रदेश का कृषि योग्य सिंचित क्षेत्र लाभा?न्वित होगा। बेतवा बेसिन से मध्यप्रदेश के 2 लाख 6 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलेगा। परियोजना से उत्पन्न होने वाली बिजली का संपूर्ण उपयोग मध्यप्रदेश द्वारा किया जाएगा। परियोजना की कुल लागत 35,111 करोड़ रुपए संभवित है। एमओयू द्वारा उत्तरप्रदेश को केन कछार से 1700 मिलियन घन मीटर पानी आवंटित किया गया है जिस पर दोनों राज्यों की सहमति है। इसमें रबी सीजन के लिए 547 मिलियन घन मीटर तथा खरीफ सीजन में 1153 मिलियन घन मीटर जल का आवंटन होना है।

ये जिले होंगे लाभान्वित

मध्य प्रदेश के छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, दमोह, विदिशा, सागर, शिवपुरी, दतिया और रायसेन जिले को इस परियोजना का लाभ मिलेगा। वहीं उत्तर प्रदेश के महोबा, बांदा, झांसी और ललितपुर जिले लाभान्वित होंगे।

बांध निर्माण के लिए एजेंसी को जल्द कार्यादेश जारी होगा

यह मामला मंत्रालय स्तर पर विचाराधीन है। परियोजना की तैयारी पूरी कर ली गई है। बांध निर्माण के लिए एजेंसी को जल्द ही कार्यादेश जारी किया जाएगा। जहां तक बिड वैलिडिटी की तारीख आगे भी बढ़ायी जा सकती है। -प्रशस्त कुमार दीक्षित, सीईओ, केन-बेतवा लिंक परियोजना

परियोजना में वन विभाग को मिली राशि

  • एनपीबी- 3,500 करोड़
  • कंपेंनसेंट्री ऑफ फॉरेस्ट 240 करोड़
  • टाइगर फाउंडेशन 221 करोड़
  • कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट 275 करोड़

परियोजना पर एक नजर

  • लागत : 44, 605 करोड़ रुपए
  • केंद्र सरकार से राशि मिलेगी : 90%
  • राज्य सरकारें राशि देंगी : 5-5%
  • केन-बेसिन से उप्र में सिंचाई : 2.27 लाख हेक्टेयर
  • केन-बेसिन से मप्र में सिंचाई : 4.47 लाख हेक्टेयर
  • बेतवा बेसिन से मप्र में सिंचाई : 2.06 लाख हेक्टेयर
  • मप्र के हिस्से में जाएगी : बिजली, तीन वाइल्ड लाइफ सेंचुरी
People's Reporter
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