बॉलीवुडमनोरंजन

पहले ऑडिशन में रोने का एक्ट करना था, जिसे बखूबी किया

विकास वर्मा I am Bhopal । मेरी मां का सपना था कि एक्टर बनूं, उन्होंने कहा कि वह मुझे टीवी पर देखना चाहती हैं। उस समय सिर्फ मैं 13 साल का था। इसके बाद मैंने अपनी लाइफ का पहला ऑडिशन दिया था, जिसमें मुझे रोने का एक्ट करना था। इस समय ऑडिशन में मेरा सिलेक्शन हो गया। इसके बाद धीरे- धीरे काम मिलने लगा। यह कहना था एक्टर ऋषभ चड्ढा का। जो कि एक फिल्म की शूटिंग के लिए भोपाल आए हुए थे। इस दौरान उन्होंने आईएम भोपाल से बातचीत में जीवन से जुड़े अनुभव शेयर किए।

ऋषभ कहते हैं कि 17 साल की उम्र में एक प्ले 786 किया था, उसमें तीन कहानियां थी, मेरी कहानी 6 नंबर की थी। उसमें मैंने राइटर का कैरेक्टर प्ले किया था। जिसकी रिहर्सल मैंने लगभग छह महीने की थी। इसका असर यह था कि प्ले होने के बाद भी मैं उस कैरेक्टर में रहता था, मैंने कुर्ता पहनना शुरू कर दिया, पेन और बैग रखने लगा था। कई वर्षों तक वह कैरेक्टर मेरे अंदर था।

16 साल से एक्टिंग के क्षेत्र में काम कर रहा हूं

ऋषभ कहते हैं कि मैं 16 साल से एक्टिंग के क्षेत्र में काम रहा हूं। इस दौरान मेरे पास कोई न कोई हमेशा प्रोजेक्ट रहा। अभी भी फिल्म की शूटिंग के लिए आया हूं। संघर्ष की बात करे तो मैं थिएटर में भी काम किया है, तो एक्टिंग में कोई परेशानी नहीं है। साथ ही अलग-अलग डायरेक्टर के साथ काम करने से मुझे और भी हिम्मत आई। उन्होंने कहा कि बड़े और छोटे परदे पर परफॉर्मेंस में ज्यादा अंतर नहीं होता है। एड शो में ही सिर्फ फर्क पड़ता है।

ओटोटी आने से लोगों को मिला फायदा

ऋषभ ने बताया कि ओटीटी आने से बहुत से लोगों को फायदा हुआ है। अभिनेता के साथ राइटर और डायरेक्टर भी अपना हुनर दिखा रहे हैं। साथ ही कई लोगों को रोजगार भी मिला है। उन्होंने कहा कि बेव सीरीज में कंटेंट अच्छा आ रहा है, साथ ही डायरेक्टर भी कहानी को अच्छी तरह से प्रेजेंट कर रहे हैं। अब कंटेंट के आधार पर भी कैरेक्टर को इंपॉर्टेंट दी जा रही है।

संबंधित खबरें...

Back to top button