
भोपाल। मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरान इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी अंचलों में रोड शो और 8 चुनावी सभाएं संबोधित कीं। प्रदेश में उनके कुल 10 कार्यक्रम हुए। वहीं मप्र के सीएम डॉ. मोहन यादव ने 29 लोस क्षेत्रों में 197 सभाएं की। आचार संहिता लागू होने के पहले से ही भाजपा ने प्रबंधन से लेकर इलेक्शन कैंपेन में बढ़त बनाकर रखी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह सहित अन्य स्टार प्रचारक और पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने लगभग सभी अंचलों में जमकर प्रचार किया। कांग्रेस के प्रमुख स्टार प्रचारक राहुल गांधी ने सीधी, भिंड, रतलाम और खरगोन की 4 सभाएं संबोधित कीं जबकि प्रियंका गांधी मुरैना-दमोह और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपना कैंपेन केवल सतना तक ही सीमित रखा।
पीएम: धार-खरगोन से पूरे अंचल को साधने का प्रयास
13 मई को मालवा-निमाड़ की 8 सीटों पर मतदान है। पीएम मोदी ने धार और खरगोन संसदीय सीट के जरिए पूरे अंचल को साधने का प्रयास किया। प्रदेश में उन्होंने 2019 के चुनाव से ज्यादा चुनावी सभाएं संबोधित कीं। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मप्र में 6 दिन का समय देकर 8 लोकसभा क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने 4 क्षेत्रों में सभाएं, 4 रोड शो के अलावा क्लस्टर, बूथ व प्रबुद्धजन सम्मेलन को भी संबोधित किया।
पहले चरण की वोटिंग तक छिंदवाड़ा में रहे कमलनाथ
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ शुरूआती दौर में अपने बेटे व छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ के चुनाव में व्यस्त रहे। मतदान के बाद कमल नाथ ने होशंगाबाद और बैतूल प्रचार के लिए पहुंचे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने ग्वालियर अंचल में केवल एक सभा संबोधित की। राजगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने भी तीसरे चरण के मतदान बाद रतलाम-झाबुआ अंचल में सक्रियता दिखाई।
मुख्यमंत्री मप्र की सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में पहुंचे
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सर्वाधिक चुनावी दौरे किए। वह 29 संसदीय क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे। उन्होंने 185 से अधिक विधानसभाओं में 197 सभाएं लीं। 25 सीटों पर नामांकन पर्चे जमा कराने से लेकर 56 रोड शो भी किए।
दिग्विजय की 70 सभाएं पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 62 सभाएं और 68 रैलियां की। दिग्विजय सिंह ने 70 सभाएं लीं।