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चित्रकूट की देव-दिवाली, दीपों से रोशन मंदाकिनी

मप्र सरकार ने बनाया तीर्थ विकास का प्लान..पौराणिक नदी को करेंगे साफ
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चित्रकूट की देव-दिवाली, दीपों से रोशन मंदाकिनी

राजीव सोनी-भोपाल। अयोध्या के साथ ही इस बार चित्रकूट में भी दीपावली पर्व की बड़ी धूमधाम है। भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट के मंदाकिनी नदी तट पर देव-दिवाली और दीपदान का साक्षी बनने हर साल देश भर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। दीपावली पर लाखों लोग जब एक साथ नदी में दीपदान करते हैं तब ऐसा दृश्य बनता है मानो तारे जमीं पर उतर आए हों। गंगा की पर्याय मानी जाने वाली मंदाकिनी नदी में दीपावली पर आस्था की डुबकी का सबसे ज्यादा क्रेज है।

पवित्र मंदाकिनी की सफाई और तीर्थ विकास के लिए राज्य सरकार ने काम शुरू किया है। ''राम वन गमन पथ '' प्रोजेक्ट से भी चित्रकूट की तस्वीर बदलने की कवायद चल रही है। मुख्यमंत्री भी तीन दिन पहले यहां आकर कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा कर चुके हैं। धनतेरस पर शुरू हुए मेले में तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी और परिक्रमा के लिए पहुंच चुके हैं।

होटल-धर्मशालाएं फुल

डायमंड कारोबारी और 60 साल से दीपदान कर रहे लखन सोनी बताते हैं कि इस बार लोगों में उत्साह ज्यादा है। होटल धर्मशालाएं फुल हैं। सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। वह कहते हैं कि पौराणिक मान्यता है कि अमावस्या के दिन प्रभुराम मंदाकिनी में स्नान करने आते हैं। इसलिए श्रद्धालुओं की आस्था ज्यादा है।

दीपदान मेला और रंग बिरंगे घाट...

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद यह पहला साल है जब चित्रकूट में दीपदान के लिए लाखों संख्या में श्रद्धालु उमड़े हैं। पांच दिनी दीपदान मेले के चलते नदी तट के साथ दोनों राज्यों के चित्रकूट नगर को रंग िबरंगी रोशनी से सजाया गया है। उप्र और मप्र में बंटे चित्रकूट नगर के विकास की तस्वीर भी विरोधाभासी है। मप्र के हिस्से वाले मंदाकिनी तट पर साफ-सफाई की कमी और असुविधाएं साफ नजर आ रही है।

चित्रकूट धाम कैसे पहुंचे

  • वायु मार्ग : चित्रकूट का नजदीकी विमानस्थल प्रयागराज है। खजुराहो चित्रकूट से 185 किलोमीटर दूर है।
  • रेल मार्ग : चित्रकूट से 8 किलोमीटर की दूर -करवी निकटतम रेलवे स्टेशन है। इलाहाबाद, जबलपुर, दिल्ली, झांसी, हावड़ा, आगरा,मथुरा, लखनऊ, कानपुर,ग्वालियर, रायपुर, कटनी, मुगलसराय,वाराणसीआदि शहरों से यहां के लिए रेलगाड़ियां चलती हैं।
  • सड़क मार्ग : चित्रकूट के लिए प्रयागराज, बांदा, झांसी, महोबा, कानपुर, छतरपुर,सतना, फैजाबाद, लखनऊ, मैहर आदि शहरों से नियमित बस सेवाएं हैं। दिल्ली से भी बस सेवा उपलब्ध है।

सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम

चित्रकूट मेले के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त किए गए हैं। पांच दिवसीय मेले को लेकर देश भर से बड़ी संख्या में लोग यहां दीपदान करने आते हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कामतानाथ मंदिर, मंदाकिनी घाट और परिक्रमा पथ सहित अन्य क्षेत्रों में कई जिलों के जवान भी तैनात किए गए हैं। घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम हैं। -आशुतोष गुप्ता, एसपी सतना

नए चित्रकूट के होंगे दर्शन

चित्रकूट के समग्र विकास की योजना पर काम चल रहा है। ''राम वन गमन पथ प्रोजेक्ट '' पर तेजी से क्रियान्वयन होगा। अगले डेढ़-दो साल में नया चित्रकूट ही नजर आएगा। सीएम डॉ. मोहन यादव भी इस संबंध में ऐलान कर चुके हैं। सड़कें और तीर्थ यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। -धर्मेंद्र सिंह लोधी, संस्कृति, धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री मप्र

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