
भोपाल। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक माह पूरा हो गया। इस एक माह में उन्होंने विभिन्न विभागों की गतिविधियों को जाना और अधिकारियों के कामकाज को नजदीक से देखा। उन्होंने ऐसे अधिकारियों की भी जानकारी हासिल की है जो कई साल से प्रशासनिक मुख्यधारा में नहीं आ सके हैं।
लिहाजा मंत्रालय में पदस्थ अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के उन अधिकारियों के विभागों में बदलाव होने की संभावना है जिनके पास दो से अधिक विभाग हैं। वहीं मंत्रालय से बाहर पदस्थ कई अधिकारियों को भी इधर से उधर किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के नए आयुक्त की नियुक्ति इस माह के अंत तक होने की उम्मीद है।
इनके पास दो से अधिक विभाग
अपर मुख्य सचिव स्तर पर डॉ. राजेश राजौरा वर्तमान में एसीएस मुख्यमंत्री हैं। एनवीडए के उपाध्यक्ष, एमडी एनबीपीसीएल और एसीएस जल संसाधन हैं। जबकि एसीएस एसएन मिश्रा गृह विभाग के साथ परिवहन और जेल विभाग संभाल रहे हैं। एसीएस संजय दुबे सामान्य प्रशासन विभाग के अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग देख रहे हैं। प्रमुख सचिव स्तर पर संजय शुक्ला पीएस सीएम के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग, खनिज, विमानन तथा योजना एवं आर्थिक सांख्यकीय विभाग के पीएस हैं। पीएस शिवशेखर शुक्ला दस माह की सरकार में भी पर्यटन विभाग देख रहे हैं। प्रमुख सचिव ई रमेश कुमार के पास कई विभागों का भार है।
रिटायर्ड आयुक्त पंकज राग भी अपने पुनर्वास को लेकर सक्रिय
अक्टूबर में आयुक्त मप्र भवन पंकज राग सेवानिवृत्त हो गए। वे अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी रहे। खबर है कि राग अपने पुनर्वास को लेकर सक्रिय हैं। मप्र भवन आयुक्त का प्रभार पीएस अनिरुद्ध मुकर्जी को दिया गया है। नवंबर में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास मलय श्रीवास्तव सेवानिवृत्त होंगें। श्रीवास्तव राज्य निर्वाचन आयोग के नए आयुक्त बन सकते हैं। वहीं पंचायत विभाग की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव के पास आ सकती है।
सचिव : इनके पास कई काम
मंत्रालय में पदस्थ सचिव स्तर के अधिकारियों में एम सेलवेंद्रन के पास कई महत्वपूर्ण विभाग हैं। इनमें कृषि और सामान्य प्रशासन विभाग प्रमुख हैं। एमडी मंडी बोर्ड और महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक के साथ एमडी कृषि व्यापार बोर्ड का प्रभार है। वहीं सचिव डॉ.नवनीत कोठारी सचिव एमएसएमई, आयुक्त उद्योग और एमडी सूक्ष्म उद्योग कॉर्पोरेशन हैं।
कई मुख्य धारा से बाहर
खाद्य आयोग के सचिव शोभित जैन पिछले पांच साल से अधिक समय से प्रशासनिक मुख्यधारा से बाहर हैं। शहडोल कमिश्नर के बाद उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली है। संभावना है कि पीएस रश्मि अरुण शमी, नीरज मंडलोई और उमाकांत उमराव के विभागों में बढ़ोत्तरी हो सकती है। पीएस संजीव झा भी राजस्व मंडल ग्वालियर से मंत्रालय बुलाए जा सकते हैं।