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पवन हंस हेलिकॉप्टर की पूरी हिस्सेदारी केंद्र सरकार ने बेची, ​जानिए कौन होगा नया मालिक

पवन हंस हेलिकॉप्टर की पूरी हिस्सेदारी केंद्र सरकार ने बेची, ​जानिए कौन होगा नया मालिक
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सस्ती दरों पर सेवा उपलब्ध करा रही पवन हंस कंपनी में सरकार की 51% हिस्सेदारी थी। केंद्र सरकार ने अपनी सारी हिस्सेदारी बेच दी है। स्टार 9 मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड की बोली को इस बिक्री के लिए मंजूरी दी है। ये भी पढ़ें: Patiala Violence Update : पटियाला में हुई हिंसा से तनाव, शहर में शाम 7 से सुबह 6 बजे तक लगाया कर्फ्यू

आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी का फैसला

वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी वाली कैबिनेट कमेटी ने शुक्रवार को इन बोलियों पर विचार किया। इसके बाद आर्थिक मामलों की इस कैबिनेट समिति ने सबसे बड़ी बोली लगाने वाली स्टार 9 मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के टेंडर को हरी झंडी दिखा दी है। सौदा पूरा होने के बाद पवन हंस का मैनेजमेंट कंट्रोल भी स्टार 9 मोबिलिटी के पास चला जाएगा।

ONGC के पास है 49% शेयर

गौरतलब है कि पवन हंस लिमिटेड भारत सरकार और ओएनजीसी का एक संयुक्त उद्यम है, जो हेलिकॉप्टर और एयरो मोबिलिटी सेवाएं प्रदान करती है। भारत सरकार के पास कंपनी में 51% शेयर हैं और ओएनजीसी के पास शेष 49% शेयर हैं। ओएनजीसी पहले ही फैसला कर चुकी है कि वह भारत सरकार के रणनीतिक विनिवेश लेनदेन में फाइनल हुए सफल बोलीदाता को अपनी संपूर्ण शेयरहोल्डिंग की पेशकश, भारत सरकार वाले ही मूल्य और शर्तों पर करेगी। ये भी पढ़ें: Air India ने रखा एयर एशिया इंडिया के अधिग्रहण का प्रस्ताव, सीसीआई से मांगी मंजूरी

तीन साल से घाटे में है पवन हंस

बता दें कि पिछले तीन वर्षों पवन हंस लिमिटेड को (FY-19, FY-20 और FY-21) से घाटा हो रहा है। कंपनी के पास 42 हेलिकॉप्टरों का बेड़ा है, जिनमें से 41 कंपनी के स्वामित्व में हैं। स्वामित्व वाले हेलिकॉप्टरों की औसत आयु 20 वर्ष से अधिक है और उनमें से तीन-चौथाई वर्तमान में मूल उपकरण निर्माता द्वारा निर्मित नहीं किए जा रहे हैं। इसके निजीकरण के साथ ये उम्मीद जताई जा रही है कि रणनीतिक खरीदार नई पूंजी के प्रवाह के माध्यम से पुराने बेड़े को बदलकर कंपनी को पुनर्जीवित करेगा। साथ ही कंपनी के प्रदर्शन में सुधार करेगा।
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...

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