
हैदराबाद। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आंध्र प्रदेश में 107 करोड़ रुपए के बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामलों में गंभीर कार्रवाई करते हुए 6 एफआईआर दर्ज की हैं। ये एफआईआर विशाखापत्तनम इकाई के तहत दर्ज की गई हैं और इसमें कई प्रमुख बैंकों जैसे कि केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) शामिल हैं। इन मामलों में आरोपी व्यक्तियों में विभिन्न कंपनियों के निदेशकों और कुछ अज्ञात लोक सेवक शामिल हैं।
आरोप है कि इन व्यक्तियों ने बैंकों से ऋण प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और गलत जानकारी प्रदान की, जिससे बैंकों को भारी वित्तीय हानि हुई। जांच के दौरान यह पाया गया कि लोन प्राप्त करने के लिए बैलेंस शीट में जानबूझकर अनियमितताएं की गईं और वास्तविक स्टॉक और अकाउंटिंग रिकॉर्ड छुपाए गए।
बैंक ऑफ बड़ौदा
एक मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के सहायक महाप्रबंधक एसआर टैगोर ने राइजली फीड्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके प्रमोटरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में आरोप है कि राइजली फीड्स ने आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी और कृष्णा जिलों में झींगा और मछली पालन से संबंधित व्यापार के लिए बैंकों से लोन प्राप्त करने के दौरान अपनी बैलेंस शीट में इन्वेंट्री के मूल्यों को बढ़ा दिया। इसके अलावा, आरोप है कि कंपनी के स्टॉक और अकाउंटिंग रिकॉर्ड अनुपलब्ध थे और गोदामों का पता भी नहीं चला। प्रमोटरों ने धोखाधड़ी करते हुए गिरवी रखी गई जमीन को प्लॉट में बदल दिया, जिससे बैंक को 14.71 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
केनरा बैंक
केनरा बैंक के खिलाफ दर्ज की गई शिकायतों में एक मामला विजयवाड़ा शाखा के महाप्रबंधक पी रवि वर्मा द्वारा दर्ज किया गया है। इस शिकायत में श्रीरंगम किरण पर आरोप है कि उसने गोलुगुरी श्रीराम रेड्डी और अज्ञात लोक सेवकों के साथ मिलकर एक साजिश रची। आरोप है कि किरण ने अपनी मछली पालन इकाई के लिए 4.45 करोड़ रुपए का ओवरड्राफ्ट प्राप्त करने के लिए लीज डीड और संपार्श्विक सुरक्षा के मूल्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। वर्तमान में इस ऋण पर बकाया राशि 13.4 करोड़ रुपए हो गई है।
इसके अतिरिक्त, एक अन्य मामले में बोक्का सत्यनारायण रेड्डी पर गोलुगुरी राम कृष्ण रेड्डी और अज्ञात लोक सेवकों के साथ मिलकर मत्स्य पालन इकाई के ऋण के लिए संपार्श्विक सुरक्षा के मूल्यों को बढ़ाने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। इस धोखाधड़ी के परिणामस्वरूप 12.68 करोड़ रुपए का बकाया शेष है।
मतलापुडी सत्यनारायण और गोलुगुरी श्रीराम रेड्डी पर भी आरोप हैं कि उन्होंने अज्ञात लोक सेवकों के साथ मिलकर पट्टा विलेख और भूमि रूपांतरण प्रमाणपत्रों में जालसाजी की, जिससे केनरा बैंक को 13.6 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इसी प्रकार, श्रीनिवासुला वेणुगोपाल कृष्णमचार्युलु ने श्रीराम रेड्डी और अज्ञात लोक सेवकों के साथ साजिश कर केनरा बैंक को 13.44 करोड़ रुपए का चूना लगाया।
भारतीय स्टेट बैंक
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के खिलाफ भी एक महत्वपूर्ण शिकायत दर्ज की गई है। एसबीआई के उप महाप्रबंधक आर वरदराजन ने सुदालगुंटा शुगर्स लिमिटेड द्वारा की गई ऋण धोखाधड़ी की सूचना दी है। इस कंपनी ने एक कंसोर्टियम और बहु-बैंकिंग व्यवस्था के तहत एसबीआई और अन्य बैंकों से 39.60 करोड़ रुपए की ऋण सुविधाएं प्राप्त कीं। इस मामले में भी धोखाधड़ी की संभावना को लेकर सीबीआई जांच कर रही है।