AI Hiking Danger: कनाडा में AI के भरोसे हाइकिंग पड़ी भारी, 16 साल का लड़का खड़ी चट्टान पर फंसा, हेलीकॉप्टर से किया रेस्क्यू

बैंकूर। कनाडा में एक 16 साल के लड़के को हेलीकॉप्टर से बचाना पड़ा, क्योंकि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से प्लान की गई हाइकिंग ट्रिप के दौरान पहाड़ की एक खड़ी चट्टान पर फंस गया था। ब्राइस विंसेंट गोवरीलक नाम का यह किशोर ब्रिटिश कोलंबिया के क्राउन माउंटेन पर हाइकिंग कर रहा था, तभी वह रास्ता भटक गया और चढ़ाई के एक खतरनाक रास्ते पर पहुंच गया।
सीधी खड़ी चट्टान पर फंस गया
पीपल मैगजीन के अनुसार, इस किशोर ने अपनी हाइकिंग की योजना बनाने के लिए एंथ्रोपिक द्वारा विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस असिस्टेंट क्लॉड AI का इस्तेमाल किया था। हालांकि, बाद में वह हाइकिंग के आम रास्ते से हटकर पहाड़ के ऐसे हिस्से में पहुंच गया, जहां से न तो वह सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सकता था और न ही वापस लौट सकता था। हालात तब गंभीर हो गए जब वह लगभग सीधी खड़ी चट्टान के किनारे एक संकरी जगह पर फंस गया। उसने मदद के लिए पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद 'नॉर्थ शोर रेस्क्यू' टीम को पहाड़ पर बुलाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हेलीकॉप्टर और खास क्लाइंबिंग इक्विपमेंट की जरूरत पड़ी क्योंकि उस जगह तक पहुंचना मुश्किल था। पहाड़ पर कई घंटे फंसे रहने के बाद आखिरकार उस किशोर को सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना के बाद बचाव दल ने हाइकर्स को चेतावनी दी है कि वे मुश्किल पहाड़ी इलाकों में यात्रा की योजना बनाते समय पूरी तरह से AI से बने रास्तों पर निर्भर न रहें।
Anthropic ने लॉन्च किया Claude Haiku 5.5, Haiku 4.5 से 75% सस्ता और सबसे तेज
AI असिस्टेंट ने बहुत मुश्किल रास्ता सुझाया
इसे लेकर नॉर्थ शोर न्यूज ने जानकारी दी है कि किशोर ने ग्राउस माउंटेन से अपनी हाइक शुरू की थी और क्राउन माउंटेन तक पहुंचना चाहता था। नॉर्थ शोर रेस्क्यू के सर्च मैनेजर पॉल मार्की ने बताया कि यह हाइक मुश्किल थी और इसे पूरा करने में आम तौर पर सात से आठ घंटे लगते हैं। मार्की ने कहा कि लड़के ने यात्रा की तैयारी के दौरान Claude AI का इस्तेमाल किया था। उनके अनुसार, AI असिस्टेंट ने एक बहुत मुश्किल रास्ता सुझाया, जिसकी वजह से वह किशोर अंत में फंस गया। बाद में नॉर्थ शोर रेस्क्यू ने बताया कि हाइकर क्राउन माउंटेन के तय हाइकिंग रूट से काफी दूर चला गया था। हालांकि, बचाव दल यह पता नहीं लगा सका कि उसने ठीक कहां या कैसे गलत मोड़ लिया था। बचाव संगठन ने लिखा, पता चला कि यह हाइकर किसी तरह क्राउन हाइकिंग रूट से काफी दूर चला गया था और Widowmaker नाम के एक क्लाइंबिंग रूट पर, उसके आखिरी हेडवॉल के बेस पर फंस गया था। द न्यूयॉर्क टाइम्स से बात करते हुए ब्राइस ने माना कि वह गलती से Widowmaker Arete नाम की जगह पर चला गया था। उसने कहा कि वह इसके लिए पूरी तरह से AI असिस्टेंट को दोष नहीं देते, क्योंकि अपनी यात्रा की योजना बनाते समय उन्होंने गूगल मैप्स और दूसरे टूल्स का भी इस्तेमाल किया था।
गलत रास्ते पर बढ़ता चला गया
मार्की ने बताया कि वह चलता रहा क्योंकि उसे लगा कि वह किसी दूसरी जगह पर है। जब रास्ता बहुत खतरनाक हो गया, तब उसे एहसास हुआ कि वह लगभग सीधी खड़ी चट्टान पर एक संकरी जगह (ledge) पर फंस गया है। मार्की ने यह भी बताया कि उस जगह से गिरने पर गंभीर चोट लग सकती थी या मौत भी हो सकती थी।
रेस्क्यू करने वालों ने AI को लेकर चेतावनी दी
रेस्क्यू के बाद मार्की ने चेतावनी दी कि पहाड़ी इलाकों में रास्ते चुनते समय हाइकर्स को पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि AI असिस्टेंट को इलाके का असल अनुभव नहीं होता और वे इलाके की सही जानकारी, नेविगेशन स्किल्स और ट्रेनिंग की जगह नहीं ले सकते। मार्की ने कहा, क्लाउड (AI) कभी उस खास इलाके में नहीं गया, कभी उस रास्ते पर नहीं चला और कभी घर से बाहर नहीं निकला। अपनी रिसर्च खुद करें, इलाके के बारे में खुद जानकारी हासिल करें और साथ ही ट्रेनिंग और नेविगेशन की मदद भी लें।




















