
जबलपुर के सुरैया टोला गांव में शनिवार सुबह एक दुखद घटना घटी, जिसमें सगे भाई-बहन की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। तीनों बच्चे खेत में काम कर रहे अपने माता-पिता से दूर जानवरों को भगाने के लिए खेत के किनारे गए थे, जहां एक बिजली के तार की चपेट में आने से यह हादसा हुआ।
करंट लगने से बच्चों की मौत
घटना सुबह करीब 8 बजे की है, जब 12 वर्षीय देव, 10 वर्षीय पूजा, और 12 वर्षीय दिलीप खेत में घूम रहे जानवरों को भगाने के लिए दौड़ रहे थे। इस दौरान खेत के किनारे झूल रहे बिजली के तार की चपेट में आने से तीनों बच्चे करंट की चपेट में आ गए। देव और पूजा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दिलीप गंभीर रूप से झुलस गया। प्राथमिक उपचार के बाद दिलीप को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
हादसे के बाद ग्रामीणों ने शवों को पाटन-शहपुरा रोड पर रखकर चक्काजाम कर दिया। उनका आरोप है कि बिजली विभाग ने कई बार शिकायत के बावजूद तार को ठीक नहीं किया था। ग्रामीणों ने पाटन में पदस्थ जेई और लाइनमैन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। चक्काजाम के बाद, पाटन थाना पुलिस और एसडीएम ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
मृतकों के परिजनों को सहायता राशि
जिला प्रशासन के निर्देश पर, बिजली विभाग ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। पाटन एसडीएम मानवेंद्र सिंह ने घटना की जांच का जिम्मा लिया है और बिजली विभाग के लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश भी दिए हैं।
बिजली विभाग से शिकायत के बावजूद लापरवाही
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने दो दिन पहले ही बिजली विभाग को खेत के किनारे झूलते हुए बिजली के तार के बारे में सूचित किया था। विभाग ने उन्हें तार को ठीक करने का आश्वासन दिया था, लेकिन शनिवार सुबह तक यह हादसा हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग के कर्मचारी अक्सर अधूरा काम छोड़कर चले जाते हैं, जिससे जानवरों के साथ-साथ अब इंसान भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
एसडीएम और कलेक्टर से कार्रवाई की अपील
पाटन एसडीएम मानवेंद्र सिंह ने घटना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन दिया और इस मामले की जानकारी जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। ग्रामीणों का कहना है कि इस लापरवाही से भविष्य में और भी हादसे हो सकते हैं, इसलिए सख्त कार्रवाई की जाए।
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