
नई दिल्ली। फ्लाइट्स को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार देर रात दिल्ली से लंदन जा रही विस्तारा की फ्लाइट UK-17 को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सोशल मीडिया पर दी गई इस धमकी के बाद फ्लाइट को फ्रैंकफर्ट डायवर्ट किया गया। जहां सुरक्षा अधिकारियों को 2.5 घंटे तक जांच के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
विस्तारा एयरलाइन ने क्या कहा
एयरलाइंस ने बताया कि, ’18 अक्टूबर, 2024 को दिल्ली से लंदन के लिए उड़ान भरने वाली विस्तारा की फ्लाइट UK17 को सोशल मीडिया पर सुरक्षा संबंधी धमकी मिली। जिसके बाद प्रोटोकॉल के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित किया गया था। एहतियात के तौर पर पायलट ने फ्लाइट को फ्रैंकफर्ट डायवर्ट करने का फैसला लिया था। फ्रैंकफर्ट में सुरक्षा अधिकारियों ने फ्लाइट की जांच की, जिसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।
लगातार मिल रहीं धमकियां
पिछले कुछ दिनों में, भारतीय एयरलाइन द्वारा संचालित कई फ्लाइट्स को बम की धमकी मिली है जो बाद में अफवाह निकली। केंद्र सरकार ने लगातार मिल रही धमकियों के बीच 16 अक्टूबर को फ्लाइट्स में एयर मार्शलों की संख्या को दोगुना करने का फैसला किया था। वहीं गृह मंत्रालय ने एविएशन मिनिस्ट्री से रिपोर्ट भी मांगी है।
धमकी भरे मैसेज भेजने वालों पर होगी कार्रवाई
एयरलाइंस को धमकी भरे संदेश भेजने के मामले में एविएशन मिनिस्ट्री ने 16 अक्टूबर को संसदीय समिति को जवाब दिया था। मंत्रालय ने कहा कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और कार्रवाई की जा रही है। साथ ही कहा कि ऐसे कई मामलों पर और जानकारी जुटाई जा रही है और कार्रवाई की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी साइबर यूनिट्स को धमकी देने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स को ट्रैक करने का निर्देश दिया गया है। इनमें से अधिकतर अकाउंट विदेश से संचालित हो रहे हैं।
अपराधियों के लिए सरकार लाएगी सख्त कानून
इस मुद्दे पर चर्चा के लिए 16 अक्टूबर को परिवहन पर संसदीय स्थायी समिति की बैठक हुई। इसमें नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंत्रालय और DGCA के अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। मंत्रालय अब इन फर्जी कॉल के स्रोतों का पता लगाने के लिए लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के साथ काम कर रहा है। पकड़े जाने पर अपराधियों को ‘नो-फ्लाई लिस्ट’ में शामिल किए जाने की संभावना है। मामले को लेकर उड्डयन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो और गृह मंत्रालय लगातार स्थिति का आकलन कर रहा है। सरकार की कोशिश है कि इस तरह की घटनाओं पर जल्द से जल्द रोक लगाई जाए और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का माहौल प्रदान किया जा सके।
One Comment