
पटना। बिहार के पटना जिले में गंगा दशहरे पर हादसा हो गया। बाढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को उमानाथ घाट से श्रद्धालुओं को लेकर दियारा जा रही नाव गंगा नदी में पलट गई। नाव पर 17 लोग सवार थे, जिसमें से 12 सुरक्षित हैं, 5 लापता हैं। लापता लोगों की तलाश की जा रही है। घटनास्थल पर राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम पहुंच गई है।
स्नान करने के लिए नाव से जा रहे थे लोग
बताया जा रहा है कि गंगा दशहरा के अवसर पर कुछ लोग नाव पर सवार होकर स्नान करने के लिए नदी के उस पार जा रहे थे। इस दौरान उमा घाट के समीप नाव पलट गई। कुछ लोग तैरकर बाहर आ गए, जबकि 5 लोगों का अभी कुछ पता नहीं चला पाया है। नाव पलटने की सूचना पर बाढ़ एसडीएम शुभम कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तलाशी अभियान चलाया। एसडीआरएफ की टीम डूबे हुए लोगों की तलाश में लगी है।
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गंगा दशहरा पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
गंगा दशहरा के अवसर पर बिहार में हजारों श्रद्धालुओं ने आज गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई तथा मंदिरों में पूजा-अर्चना की। गंगा दशहरा के अवसर पर राजधानी पटना में देर रात से ही ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया, जो अभी तक जारी है। सुबह होते ही श्रद्धालु ‘हर-हर गंगे, जय गंगा मैया, हर-हर महादेव’ के जयकारे के साथ गंगा में डुबकी लगाने लगे। स्नान के बाद लोगों ने विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की और दान किया। मंदिरों में भी अन्य दिनों की अपेक्षा पूजा-अर्चना करने वालों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।
क्यों मनाया जाता है ‘गंगा दशहरा’
गंगा नदी को देश की सबसे पवित्र नदी माना जाता है। इसे ‘मां गंगा’ भी कहा जाता है। गंगा की महत्ता को देखते हुए ‘गंगा दशहरा’ मनाया जाता है। हर साल ज्येष्ठ शुक्ल की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का त्योहार मनाया जाता है। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए भागीरथ इसी दिन गंगा को धरती पर लेकर आए थे। तभी से गंगा दशहरा पर मां गंगा की पूजा और इसमें आस्था की डुबकी लगाने की परंपरा चली आ रही है। पुरानी मान्यता है कि गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने से देवता खुश होते हैं। इसी के चलते श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान करने के बाद गंगा तट पर स्थित मंदिरों में पूजा अर्चना की और भोग लगाया। गंगा दशहरा पर्व को गंगा अवतरण भी कहा जाता है, हिन्दू मान्यताओं और पोराणिक कथाओं के अनुसार इसी दिन गंगा स्वर्ग से उतरकर धरती पर आई थी। गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान, गंगा जल का प्रयोग, और दान करना विशेष लाभकारी होता है। इस दिन गंगा की आराधना करने से पापों से मुक्ति मिलती है।