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भाजपा सक्रिय सदस्यता पर सख्त, बूथ अध्यक्षों के लिए 10 दिन और बढ़े

22 नवंबर को दिल्ली में सभी राज्यों के संगठन निर्वाचन अधिकारियों की बैठक
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भाजपा सक्रिय सदस्यता पर सख्त, बूथ अध्यक्षों के लिए 10 दिन और बढ़े

भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा संगठन चुनाव के तहत बूथ अध्यक्ष और उनकी टीम गठन के लिए 30 नवंबर तक का समय मिल गया है। जिलों को सभी मामलों में सतर्कता रखने को कहा गया है। पार्टी का दावा है कि देश में बूथ समितियां बनाने में मप्र का स्थान अव्वल है। 22 नवंबर को दिल्ली में सभी राज्यों के संगठन निर्वाचन अधिकारियों बैठक में हाईकमान रोड-मैप पर चर्चा करेगा। महाराष्ट्र-झारखंड चुनाव में कई जिलों के जो नेता व्यस्त थे, वे सभी लौट आए हैं।

नमो एप पर निर्वाचन संबंधी जानकारी अपलोड करने में कुछ वरिष्ठ नेताओं को टेक्नीकल टीम की मदद भी लेना पड़ रही है। भाजपा के सूत्रों का कहना है कि बूथ समितियां गठन के मामले में मप्र का परफार्मेंस सबसे अच्छा है। केंद्रीय नेतृत्व की गाइडलाइन के अनुसार ही काम चल रहा है। 22 नवंबर को दिल्ली बैठक के बाद सभी निर्वाचन अधिकारियों को काम सौंपे जाएंगे।

कल बनेगी कार्यक्रम की रूपरेखा

प्रदेश भाजपा ने शुरू में सभी जिलों को बूथ समितियां गठन और मंडल तक का होमवर्क करने 20 नवंबर का टेंटेटिव समय दिया था। लेकिन कई जिलों के वरिष्ठ नेता झारखंड-महाराष्ट्र चुनाव में व्यस्त थे, इसलिए कुछ जिलों में समितियों का गठन होना बाकी है। पार्टी सूत्रों का कहना हाईकमान ने पहले ही 30 नवंबर तक समय दिया था लेकिन प्रदेश इकाई ने मैदानी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने एक सप्ताह पहले का टारगेट दे दिया था। दिल्ली बैठक के बाद आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई जाएगी।

कई नेताओं ने तकनीकी विशेषज्ञों को हायर किया

संगठन चुनाव की पहली सीढ़ी बूथ समितियों के मामले में अब तक 50 फीसदी से ज्यादा काम होना बताया जा रहा है। हर बूथ पर अध्यक्ष के साथ 11 सदस्यों का निर्वाचन किया जा रहा है। कुछ जिलों में चुनाव का काम होना बाकी है। बूथ अध्यक्ष और सदस्यों के बारे में चुनाव संबंधी ताजा जानकारी पार्टी के अधिकृत ''नमो एप '' पर अपलोड करने की प्रक्रिया में कई नेताओं को तकनीकी दिक्कतें भी आ रही है। इसलिए कुछ जिलों में नेताओं ने टेक्नीकल विशेषज्ञों को मदद के लिए ''हायर '' भी किया है। इनमें कुछ नेता इस उम्मीद से भी हैं कि विधानसभा में उन्हें मौका नहीं मिला अथवा चुनाव हार गए इसलिए उनकी सेवाएं संगठन में ले ली जाएंगी। इसके लिए पार्टी में 60+ के कुछ नेताओं को जिलों की बागडोर सौंपने पर विचार मंथन भी चल रहा है।

मध्यप्रदेश का परफार्मेंस बेहतर

केंद्रीय हाईकमान के निर्देश पर और प्रदेश निर्वाचन अधिकारी के नेतृत्व में बूथ समितियों का गठन तेजी से चल रहा है। देशभर के राज्यों में मध्यप्रदेश का परफार्मेंस बेहतर चल रहा है। अब यह अवधि 30 नवंबर तक कर दी गई है जो पहले 20 थी। 22 नवंबर को दिल्ली में संगठन की बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी। - रजनीश अग्रवाल, प्रदेश मंत्री एवं सह निर्वाचन अधिकारी मप्र भाजपा

People's Reporter
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