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चुनावी साल में बीजेपी नेता सनव्वर बने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, पांच साल बाद मिला अध्यक्ष, अब तक प्रशासक संभालते थे करोड़ों की संपत्ति का जिम्मा

भोपाल – आखिरकार चुनावी साल में चुनावों से छह महीने पहले मप्र वक्फ बोर्ड को नया सरदार मिल ही गया। गुरूवार को एमपी वक्फ बोर्ड के दफ्तर में बीजेपी नेता डॉ सनव्वर पटेल को निर्विरोध नया अध्यक्ष चुना गया। वे फिलहाल बीजेपी में प्रदेश प्रवक्ता हैं। डॉ पटेल इससे पहले मध्यप्रदेश हज कमेटी और मप्र बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। चुनाव जीतने के बाद सनव्वर ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात की।

पार्टी की रणनीति पर लगी मुहर

एमपी में वक्फ बोर्ड की 7 सदस्यीय कमेटी को नए अध्यक्ष का चुनाव करना था और बीजेपी संगठन पहले ही इसे लेकर रणनीति बना चुका था।  इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा जारी राजपत्र में पूर्व सांसद नजमा हेपतुल्लाह, पूर्व मंत्री आरिफ अकील, बार काउंसिल मेंबर अहद उल्लाह उस्मानी, मुतावल्ली फैजान खान, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ सनव्वर पटेल, बोहरा समुदाय से फातिमा चौधरी और शासकीय अधिकारी डॉ ईनाम उर रहमान को सदस्य बनाया गया था। इन सदस्यों और उनके नुमाइंदों की टीम गुरुवार को मप्र वक्फ बोर्ड पहुंची और वहीं अध्यक्ष पद के चुनाव की औपचारिकता पूरी की।  चुनाव अधिकारी डॉ आईके मंसूरी और सीईओ सैयद शाकिर अली जाफरी की मौजूदगी में डॉ सनव्वर पटेल को निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया।

अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए डॉ सनव्वर पटेल

वक्फ बोर्ड के पास करोड़ों की संपत्ति

बात अगर मुस्लिम इदारों की करें तो मप्र वक्फ बोर्ड को सबसे अहम संस्था माना जाता है। इस बार ये पद मालवा अंचल के खाते में गया है। डॉ सनव्वर मूल रूप से मुस्लिम वर्ग के नायता समाज से नाता रखते हैं और उज्जैन जिले के कलियादेह के निवासी हैं। चुनावी साल के नजरिए से पटेल के निर्वाचन को बीजेपी की आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। विगत 2018 से एमपी वक्फ बोर्ड में अध्यक्ष का पद रिक्त था और आईएएस अधिकारियों को यहां प्रशासक का प्रभार दिया गया था। गौरतलब है कि एमपी में वक्फ बोर्ड की 14954 संपत्तियां हैं और तकरीबन इतनी ही संपत्तियों को लेकर विवाद चल रहा है। इन संपत्तियों की कीमत करोड़ों रूपए बताई जाती है।

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