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भाजपा ने जिलाध्यक्ष चुनाव के लिए सांसदों से पूछे उनकी पसंद के 3 नाम

मंडल अध्यक्षों के क्राइटेरिया में अनदेखी के बाद पार्टी की नई रणनीति
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भाजपा ने जिलाध्यक्ष चुनाव के लिए सांसदों से पूछे उनकी पसंद के 3 नाम

भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा में अब 60 जिलाध्यक्षों के निर्वाचन को लेकर कवायद तेज हो गई है। सांसदों के साथ दिल्ली बैठक में जो मुद्दे उभर कर आए थे उसके बाद पार्टी ने सभी सांसदों से जिलाध्यक्ष के लिए तीन नामों का पैनल मांगा है। उनसे 28 दिसंबर तक 3 नाम देने को कहा है। इनके अलावा रायशुमारी के लिए पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, पार्टी पदाधिकारी, जिपं अध्यक्ष, महापौर, निगम अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों से विचार विमर्श करने को कहा गया है।

पार्टी के सामने मंडल अध्यक्षों के चुनाव में जिस तरह क्राइटेरिया की अनदेखी सामने आई हैं उसके बाद जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाने लगी है। इससे 18 मंडलों में अध्यक्षों की नियुक्तियां होल्ड कर दी गई हैं। अध्यक्षों के निर्वाचन में क्राइटेरिया के पालन को महत्व देने को कहा गया है।

राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अभी सस्पेंस

भाजपा ने अभी प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष के संभावित नामों को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले है। जिलों में अध्यक्ष के लिए दावेदार अपनी फील्डिंग करने लगे हैं। 31 दिसंबर तक सभी 60 जिलों में अध्यक्षों के निर्वाचन का टारगेट दिया गया है। इसके बाद जनवरी में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव भी संपन्न कराया जाएगा। फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी।

मंडल अध्यक्षों में विधायकों की मर्जी से यह निर्णय

दिल्ली बैठक में जिलाध्यक्षों को लेकर रोड-मैप फायनल किया गया। अब लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्यों को कहा गया है कि 3-3 नामों का पैनल दे दें। सांसदों के नाम 28 दिसंबर तक मांगे गए हैं। इसके बाद जिलों की रायशुमारी में निकले नामों से उनका मिलान कर बेहतर नाम पर मुहर लगाई जाएगी। जिन जिलों में अध्यक्ष को लेकर विवाद की स्थिति बनेगी उसका अंतिम निर्णय भोपाल से किया जाएगा। विधायकों की मर्जी मुताबिक मंडल अध्यक्षों के चुनाव होने की शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है। महिलाओं को मिलेगी कमान भाजपा संगठन द्वारा महिलाओं को महत्व देने की पॉलिसी के बाद पार्टी की कई नेत्रियां सक्रिय हो गईं हैं।

इस बार ऐसी संभावना है कि आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में महिला नेत्रियों की अध्यक्ष पद पर ताजपोशी हो सकती है। जबलपुर में अश्विनी परांजपे, नरसिंहपर- प्रतिज्ञा परिहार, बैतूल -रेखा शिवहरे, रीवा- प्रज्ञा त्रिपाठी, भोपाल-वंदना जाचक, उज्जैन-कलावती यादव, भिंडकृ ष्णकांता तोमर का नाम दावेदारों में लिया जा रहा है। प्रदेश में अभी एक मात्र पांढुर्ना जिले में वैशाली म्हात्रे पार्टी की कमान संभाले हुए हैं।

People's Reporter
By People's Reporter

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