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झारखंड के रांची में बर्ड फ्लू की दस्तक, पोल्ट्री फार्म में 920 पक्षियों को मारा गया, अलर्ट मोड पर राज्य सरकार

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में एक बार फिर बर्ड फ्लू (bird flu) का मामला सामने आया है। झारखंड सरकार ने राजधानी रांची के एक पोल्ट्री फॉर्म में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद बुधवार को एक अलर्ट जारी किया। यहां 920 मुर्गियां और बत्तखें मार दी गईं हैं। इसी के साथ 4300 अंडे नष्ट किए गए हैं।

जांच के लिए सैंपल भोपाल भेजे थे

एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि मोराबादी में रामकृष्ण आश्रम द्वारा संचालित पोल्ट्री फॉर्म ‘दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र’ में 770 बत्तखों समेत 920 पक्षियों को मार दिया गया। उन्होंने बताया कि कुल 4,300 अंडों को भी नष्ट कर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि भोपाल में आईसीएआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (एनआईएचएसएडी) को जांच के लिए सैंपल भेजे गए थे। नमूनों में एविएन इन्फ्लूएंजा ए वायरस के एक प्रकार एच5एन1 की पुष्टि हुई है।

मुर्गी और अंडे की बिक्री पर रोक

वहीं आश्रम के एक किमी दारे में मुर्गी-बत्तख और अंडों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। आश्रम के 10 किमी दायरे में बाहर से मुर्गी-अंडा लाने-ले जाने पर भी रोक लगा दी है। डीसी के निर्देश के बाद जिला पशुपालन पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अलर्ट हो गई है।

 

डोर टू डोर होगा सर्वे

बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार आश्रम के एक किलोमीटर दायरे में डोर टू डोर सर्वे होगा। इस दौरान एक-एक घर की जांच की जाएगी। जिन घरों या पोल्ट्री फार्म में मुर्गी-अंडे मिलेंगे उसे जब्त किया जाएगा।गौरतलब है कि रांची में पिछले माह होटवार स्थित सरकार के रीजनल पोल्ट्री फॉर्म की मुर्गियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। फिर प्रशासन ने 2100 से अधिक मुर्गियों और बत्तखों को मार दिया था।

क्या है बर्ड फ्लू ?

बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा या H5N1 एक ऐसी बीमारी है जो मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करती है, ये बीमारी टाइप A इन्फ्लूएंजा वायरस की वजह से फैलती है। ये ज्यादातर पक्षियों के लिए घातक होती है। हालांकि, ये इंसानों को भी प्रभावित कर सकता है। यह मूल रूप से तब फैलता है जब कोई व्यक्ति किसी संक्रमित पक्षी के निकट संपर्क में आता है। ये आमतौर पर जंगली पक्षियों के जरिए पालतू पक्षियों में फैलती है। हालांकि, इंसानों में इसके मामले कम ही आते हैं। इसलिए, बेहतर है कि संक्रमित पक्षियों (मृत या जीवित) को न छुएं या उनकी बीट के संपर्क में न आएं।

क्या हैं बर्ड फ्लू के लक्षण

ये आमतौर पर बीमार पक्षी के संपर्क में आने से फैलता है। इस बीमारी में सर्दी, जुकाम, खांसी, सांस फूलना, मांसपेशियों में दर्द होना, सिर दर्द ठंड के साथ बुखार आना आदि लक्षण होते हैं। इसके लक्षण सामने आने में करीब 2 से 8 दिन का समय लग जाता है।

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