
जमुई। बिहार का एक फर्जी IPS इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जमुई पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके पास से नकली पिस्टल और कई दस्तावेज भी बरामद किए हैं। पकड़े गए शख्स ने बताया कि, वो 2 लाख रुपए देकर में IPS बना है। एक तरफ पुलिस अब गिरोह का भंडाफोड़ करने में लगी है, जो युवकों को ठगी का शिकार बनाकर आईपीएस बना देती है। वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई मीम्स वायरल हो रहे हैं।
पेपर लीक की जगह वर्दी ही लीक हो गई
बिहार में करीब 2 लाख रुपए देकर फर्जी IPS बनने का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स कई तरह कमेंट्स कर रहे हैं। इसके साथ ही कई मीम्स भी वायरल हो रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- पेपर लीक की जगह वर्दी ही लीक हो गई…
दूसरे ने लिखा- बिहार में सब कुछ मुमकिन है
एक ने लिखा- इसकी सकल देख कर क्या लगता ये IPS है, इसे तो हर कोई बता देखा, कि ये नमूना है। बड़ी बात तो ये है कि ये कब से IPS बने घूम रहे हैं और इन्हें 2 लाख रुपए में IPS बनाने वाला आखिर है कौन, पता चलना चाहिए।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, मिथलेश कुमार नामक शख्स लखीसराय जिला के हलसी थाना क्षेत्र के गोवर्धन बीघा गांव का रहना वाला है। उसकी उम्र 18 साल है। वह बाइक पर IPS की वर्दी पहनकर सिकंदरा थाना इलाके के चौक पर खड़ा था। उधर से गुजर रही पुलिस की टीम को शक हुआ, जिसके बाद पूछताछ करने पर उसने खुद को IPS बताया। पुलिस ने जांच के बाद उसे हिरासत में ले लिया। मिथलेश से जब पूछा गया कि ड्यूटी कहां लगी है तो उसका कहना था कि पता नहीं।
फर्जी अधिकारी मिथलेश मांझी ने पुलिस को बताया कि, कुछ महीने पहले उसकी मुलाकात खैरा थाना इलाके के रहने वाले मनोज सिंह से हुई थी। उसने 2 लाख में उसे पुलिस वाला बना देने की बात कही थी। जिसके बाद मिथलेश ने उसे 4 अगस्त को 2 लाख रुपए दिए थे। मनोज सिंह ने खैरा चौक स्थित सरकारी स्कूल के पास उसने मिथलेश को ये वर्दी दी थी और घर जाने के लिए कहा था। वो 30 हजार रुपए और मांग रहा था। उसे पहले ही 2 लाख रुपए दे दिए जा चुके थे।
मामा से कर्ज लेकर दिए थे पैसे
फर्जी आईपीएस के रुप में गिरफ्तार युवक मिथलेश कुमार ने बताया कि, उसने अपने मामा से दो लाख रुपए लेकर मनोज सिंह को दिए थे ताकि उसकी नौकरी पुलिस में लग जाए। मनोज सिंह ने उसके शरीर का नाप लिया और उसके दूसरे दिन बुलाकर उसे आईपीएस की वर्दी, आईपीएस का बैच और पिस्टल दिया।
मिथलेश ने कहा कि उसे वर्दी पहनकर मनोज सिंह ने बुलाया था और बाकी के तीस हजार रुपए की मांग कर रहा था। मिथलेश उससे से ही मिलने जा रहा था, तभी सिकंदरा चौक पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मिथलेश के पति भागलू मांझी गांव के ही ईंट भट्टा पर मजदूरी करते हैं।
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