
रीवा। मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहें हैं। इसी कड़ी में ताजा मामला मंगलवार को सीधी जिले से सामने आया है। रीवा लोकायुक्त की टीम ने चुरहट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी मेडिकल ऑफिसर ने एमएलसी रिपोर्ट बनाने के लिए के एवज में 4 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
क्या है मामला ?
जानकारी के अनुसार, फरियादी अभिषेक सिंह पिता रमेश सिंह निवासी ग्राम दुआरा चुरहट जिला ने रीवा लोकायुक्त से मेडिकल ऑफिसर के खिलाफ शिकायत की थी। फरियादी ने बताया कि उसके चाचा अंकुश सिंह को हादसे में चोट आ गई थी। चाचा को एमएलसी केस में गंभीर लिखे जाने के बदले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुरहट के मेडिकल ऑफिसर डॉ. आरके साकेत ने 4000 रिश्वत की मांग की गई थी। बाद में सौदा 3500 रुपए में तय हुआ। आरोपी मेडिकल ऑफिसर अभिषेक से 1500 रुपए पहले ही ले चुका है। वहीं शेष राशि 2 हजार रुपए मंगलवार को देना तय हुआ था।
लोकायुक्त ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा
फरियादी ने मेडिकल ऑफिसर की शिकायत रीवा लोकायुक्त से की। वहीं लोकायुक्त की जांच में शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई गई। फरियादी अभिषेक ने जैसे ही चुरहट स्थित शासकीय आवास पर मेडिकल ऑफिसर को रिश्वत की राशि दी वैसे ही लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
इस कार्रवाई में अधिकारी जिया उल हक निरीक्षक के निर्देशन में प्रवीण सिंह परिहार उप पुलिस अधीक्षक, जियाउल हक निरीक्षक सहित 12 सदस्यीय टीम शामिल रही। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।