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पीथमपुर में आज से जलेगा यूनियन कार्बाइड का कचरा, 850 डिग्री तापमान पर शुरू होगी नष्ट करने की प्रक्रिया; 24 थानों की पुलिस तैनात

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पीथमपुर में आज से जलेगा यूनियन कार्बाइड का कचरा, 850 डिग्री तापमान पर शुरू होगी नष्ट करने की प्रक्रिया; 24 थानों की पुलिस तैनात
पीथमपुर। भोपाल गैस त्रासदी के 39 साल बाद यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का जहरीला कचरा जलाने की प्रक्रिया पीथमपुर में शुरू हो गई है। गुरुवार शाम (27 फरवरी) से कंटेनरों से कचरा उतारने का काम शुरू हो गया और शुक्रवार सुबह (28 फरवरी) इसे रामकी एनवायरो फैक्ट्री के इंसीनरेटर में जलाया जाएगा। तीन चरणों में 10-10 टन कचरा जलाने की योजना है, जिसे 27 मार्च तक पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 135 किलो प्रति घंटे, दूसरे में 180 किलो और तीसरे चरण में 235 किलो प्रति घंटे की दर से कचरा जलाया जाएगा। इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी CPCB और MPPCB की टीमें कर रही हैं ताकि यह प्रक्रिया सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके।

जहरीले कचरे से मिलेगी राहत

भोपाल गैस त्रासदी के 39 साल बाद यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के जहरीले कचरे को नष्ट करने की प्रक्रिया मध्य प्रदेश के पीथमपुर में शुरू हो गई है। विशेष इंसीनरेटर में इस कचरे को जलाने के लिए पूरी सावधानियां बरती जा रही हैं। ट्रायल रन और सुरक्षा उपाय : मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) के रीजनल अधिकारी श्रीनिवास द्विवेदी ने बताया कि, कचरे का ट्रायल रन शुरू हो चुका है। 12 कंटेनरों में से 5 कंटेनरों से सैंपल निकालकर इंसीनरेटर तक पहुंचाए गए हैं। कचरे को 9-9 किलो के बैग्स में पैक किया गया है, जिसमें आधा हिस्सा चूना मिलाया गया है ताकि जलाने की प्रक्रिया नियंत्रित रहे। इंसीनरेटर की तैयारी : इस विशेष इंसीनरेटर को पहले 12 घंटे तक गर्म किया गया ताकि सही तापमान पर कचरे को जलाया जा सके। इसे चालू रखने के लिए हर घंटे 400 लीटर डीजल की जरूरत होगी। शुक्रवार सुबह 10 बजे से इसे जलाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो 72 घंटे तक चलेगी। [caption id="attachment_152228" align="aligncenter" width="600"] रामकी एनवायरो फैक्ट्री के इंसीनरेटर में जलाया जाएगा यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का जहरीला कचरा।(फाइल फोटो)[/caption] कचरे के प्रकार और निपटान प्रक्रिया : इस कचरे में नेफ्थल, सेविन, रिएक्टर अवशेष, कीटनाशक अवशेष और मिट्टी शामिल हैं। इन्हें अलग-अलग कंटेनरों में रखा गया था। 5 कंटेनर खोलकर इन अवशेषों को स्टोरेज सीड में स्टोर किया गया और फिर इंसीनरेटर में जलाने के लिए भेजा गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी : इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) की टीमें कर रही हैं। उच्च तापमान (850 डिग्री सेल्सियस) पर इस कचरे को जलाने की योजना है ताकि इसे सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जा सके।

पहले चरण में 10 टन कचरा जलाया जाएगा

कोर्ट के इस रुख के बाद पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के रासायनिक कचरे के निष्पादन का ट्रायल गुरुवार (27 फरवरी) से शुरू हो गया है। रामकी एनवायरो फैक्ट्री में कचरा जलाने का दूसरा ट्रायल 4 मार्च और तीसरा 12 मार्च से शुरू होगा। इधर, कचरा जलाने के ट्रायल को लेकर प्रशासन सतर्क है। इंदौर देहात और धार जिले के 24 थानों से 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी पीथमपुर में फैक्ट्री के पास तैनात किए गए हैं। इंदौर संभाग के आयुक्त दीपक सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद परीक्षण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेशानुसार, पहले चरण में 10 टन कचरा जलाया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने को कहा

27 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने इस केस की सुनवाई की। बेंच ने अपशिष्ट के निपटान के होने वाले परीक्षण पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया। अदालत ने इस मामले में सुनवाई कर रहे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के पास जाने का सुझाव दिया। नागरिक संगठनों और पीड़ित पक्षों की अपील को ठुकरा दिया।

भोपाल गैस त्रासदी: एक भयावह इतिहास

1984 की भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदाओं में से एक थी। दो और तीन दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) गैस का रिसाव हुआ था, जिससे कम से कम 5,479 लोग मारे गए और हजारों लोग अपंग हो गए थे। [caption id="attachment_145661" align="aligncenter" width="600"] 12 कंटेनर में जहरीला कचरा यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से ग्रीन कॉरीडोर के जरिए धार के पीथमपुर पहुंचा था।[/caption]

कचरे का पीथमपुर स्थानांतरण और विरोध प्रदर्शन

भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने के 337 टन कचरे को 2 जनवरी 2025 को पीथमपुर की अपशिष्ट निपटान इकाई में लाया गया था। इसके बाद, स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों ने इसके खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि यह कचरा इंसानों और पर्यावरण के लिए खतरा पैदा कर सकता है। हालांकि, प्रदेश सरकार ने इन आशंकाओं को खारिज कर दिया है और कहा है कि कचरे के सुरक्षित निपटान के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ये भी पढ़ें- पीथमपुर में यूका के जहरीले कचरे के निपटान की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने दखल से किया इनकार, आज होगा पहला ट्रायल, फैक्ट्री के पास 24 थानों का फोर्स तैनात
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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