
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हिमाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी रियो पुर्जिल को फतह करने गए ट्रेकर विशाल टाके मराठा भूस्खलन और बाढ़ के कारण वहां चार दिनों से फंसे हुए हैं। विशाल फिलहाल अपने 7 अन्य साथियों के साथ हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के एक गांव नाको में फंसे हुए हैं। वे लगातार खुद को रेस्क्यू करने के लिए प्रदेश के खेल संचालक समेत खेल मंत्री के पीए को भी फोन एवं मेल के जरिए जानकारी दे चुके हैं, लेकिन अब तक किसी प्रकार का रिस्पॉन्स उन्हें नहीं मिला है। विशाल के मुताबिक वे फिलहाल नाको गांव में एक होम स्टे में अपने सात अन्य साथियों के साथ बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं।
हिमाचल सरकार केवल टूरिस्ट को निकाल रही, ट्रेकर की चिंता नहीं
विशाल ने बताया कि हिमाचल सरकार केवल पर्यटकों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाल रही है और पहाड़ों पर ट्रेकिंग करने वालों की चिंता नहीं कर रही है। यही वजह है कि उन्होंने अब वापस आने के लिए प्रदेश सरकार से मदद की अपील की है। गौरतलब है कि एकाएक खराब मौसम के कारण विशाल 6816 मीटर ऊंची और बेहद खतरनाक रियो पुर्जिल तक नहीं पहुंच सके और अपने दल के साथ 6200 मीटर की ऊंचाई से वापस लौट आए।
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— Peoples Samachar (@psamachar1) July 12, 2023
हालांकि, इस दौरान उन्होंने एक कारनामा जरूर अंजाम दे दिया। वे पहले ऐसे पर्वतारोही बन गए जो छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा अपने साथ 6000 मीटर की ऊंचाई तक ले गए। तय शेड्यूल के मुताबिक विशाल 1 जुलाई को भोपाल से रवाना हुए थे और उन्हें 15 जुलाई को अपना सफर पूरा कर भोपाल लौटना था।