
भोपाल। राजधानी के कमला नगर स्थित घर में छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मोहन शुक्ला के बेटे तुषार शुक्ला ने खुद का गला और कलाई की नस काटकर आत्महत्या कर ली। तुषार ने ब्लेड से खुद का गला और हाथ की नस काट ली। परिजन उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। तुषार लंबे समय से गंभीर डिप्रेशन से जूझ रहे थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले में जांच शुरू कर दी है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत
घटना शनिवार शाम करीब 5.30 बजे की है। पुलिस के अनुसार, तुषार ने अपने कमरे में पहले ब्लेड से हाथ की नस काटी, लेकिन जब उन्हें लगा कि इससे उनकी जान नहीं जाएगी, तो उन्होंने अपना गला रेत लिया। घटना के समय उनकी पत्नी और परिजन घर पर ही मौजूद थे। जैसे ही तुषार ने ब्लेड से गला काटा तो पत्नी की देखते ही चीखें निकल गई। परिजनों ने लहूलुहान हालत में तुषार को हेजला अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। अस्पताल में डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले में जांच शुरू कर दी है। रविवार को उनका पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के पहले डीजीपी बने थे पिता
पुलिस ने कहा कि आत्महत्या के कारणों को लेकर अभी परिवार से पूछताछ नहीं की गई है, क्योंकि वे गहरे सदमे में हैं। तुषार के परिवार में माता-पिता, पत्नी और एक बेटा है। तुषार के पिता मोहन शुक्ला छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद एक नवंबर 2000 को पहले डीजीपी नियुक्त किए गए थे। उन्होंने 26 मई 2001 तक पुलिस बल का नेतृत्व किया। रिटायर्ड होने के बाद वे भोपाल में परिवार के साथ कमलानगर के वैशाली नगर में रहते हैं।
2 साल से हो रहा डिप्रेशन का इलाज
तुषार शुक्ला लंबे समय से गंभीर डिप्रेशन से जूझ रहे थे और दो वर्षों से उनका इलाज चल रहा था। पुलिस ने बताया कि तुषार ने दो बार आत्महत्या की कोशिश की थी, लेकिन परिवार समय रहते उन्हें बचाने में सफल रहा। उन्होंने बाहरी दुनिया से लगभग पूरी तरह संपर्क खत्म कर लिया था और अक्सर परिवार के बीच भी खुद को अकेला महसूस करते थे।
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